कैथवलिया पहुंचीं आचार्य किशोर कुणाल की पत्नी ने बतायी मंदिर की शुरुआत की कहानी एक प्रोजेक्ट खत्म भी नहीं होता, तब तक दूसरे पर विचार शुरू कर देते थे : अनीता मंदिर के लिए पहले हाजीपुर में उन्होंने तलाशा था बड़ा भू-खंड विशाल शिवलिंग की स्थापना का उनका सपना हुआ साकार मोतिहारी . कैथवलिया में शनिवार को विराट रामायण मंदिर में स्थापित विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग सहस्त्रलिंगम के स्थापना के मौके पर पहुंचीं धार्मिक न्यास बोर्ड के चेयरमैन रहे स्व. आचार्य कुणाल किशोर की पत्नी अनीता कुणाल ने मंदिर के निर्माण होने के पहले की कहानी सुनाई. इस मौके पर वह भावुक दिखीं. कहा आज उनका सपना साकार हो गया. उन्होंने बिहार में विराट रामायण मंदिर निर्माण के साथ विशाल शिवलिंग की स्थापना का सपना देखा था. इसके लिए उन्होंने खुद तमिलनाडु के महाबलीपुरम जाकर शिवलिंग निर्माण की शुरुआत करायी थी. प्रभात खबर से खास बातचीत में बताया कि आचार्य जी ने एक दिन अचानक विश्व का सबसे बड़ा रामायण मंदिर बनवाने को लेकर घर में विचार-विमर्श किया था. उन्होंने पहले पहले उन्होंने हाजीपुर में जमीन की तलाश की, लेकिन मंदिर निर्माण के लिए उतना बड़ा भू-खंड हाजीपुर में उपलब्ध नहीं हुआ. कैथवलिया मठ में करीब 40 बीघा जमीन होने की जानकारी उन्हें मिली, जिसके बाद उन्होंने कैथवलिया पहुंच यहां के लोगों के समक्ष मंदिर निर्माण का प्रस्ताव रखा. उनके साथ लोग जुड़ते गये और कांरवा बनते चला गया. विराट रामायण मंदिर निर्माण की शुरुआती कथा बताते सुनीता भावुक हो गयीं. कहा कि आचार्य जी का सपना आज साकार होते देख बड़ी खुशी हो रही है. वर्ष 2030 तक मंदिर बनकर तैयार हो जायेगा.
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