शिक्षक दिवस पर मोतिहारी में शिक्षकों का सत्याग्रह, सातवें वेतनमान और पुरानी पेंशन की मांग

शिक्षक दिवस के मौके पर मोतिहारी के शिक्षकों ने बिहार सरकार से पूर्ण सातवें वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग की है. मांगों के पूरा न होने पर 2 अक्टूबर से पटना में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है.

Motihari News: शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले के तमाम शिक्षकों ने बिहार सरकार से पूर्ण सातवें वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना को पुन: लागू करने की मांग को लेकर सत्याग्रह आंदोलन किया. आंदोलन का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष प्रियरंजन सिंह एवं प्रवीण पांडे ने किया, जबकि संचालन ओमप्रकाश सिंह एवं हारून राशिद ने किया. इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की.

शिक्षकों ने उठाया पूर्ण वेतनमान का मुद्दा

संघ के जिला अध्यक्ष प्रियरंजन सिंह ने कहा कि सरकार विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक को राज्यकर्मी का दर्जा दे चुकी है. इसके बावजूद कृत्रिम वेतन संरचना के माध्यम से शिक्षकों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षक राज्य के भविष्य को गढ़ते हैं, लेकिन उनका खुद का भविष्य अंधकारमय है.

छह लाख शिक्षकों का दिया हवाला

प्रियरंजन सिंह ने कहा कि बिहार में करीब छह लाख शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने टीईटी, सक्षमता और बीपीएससी सहित विभिन्न परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं. जब विभाग की ओर से शिक्षकों की योग्यता की बार-बार परीक्षा ली जा रही है, तो उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप सम्मान और वेतनमान भी मिलना चाहिए. उन्होंने सरकार से सभी शिक्षकों को सातवें वेतन के अनुरूप पूर्ण केंद्रीय वेतनमान देने की मांग की.

पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग

संघ के प्रवक्ता सुधाकर पांडे और संयोजक सर्वेश शर्मा ने पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के बुढ़ापे का मुख्य सहारा पेंशन होता है. सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार बनती है. नई पेंशन योजना में कई तरह की खामियां हैं, इसलिए सरकार को पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करनी चाहिए.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

सत्याग्रह में शामिल शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा. शिक्षकों ने कहा कि आंदोलन को आगे भी अलग-अलग स्तर पर जारी रखा जाएगा और सरकार पर मांगों को पूरा करने का दबाव बनाया जाएगा.

2 अक्टूबर से पटना में अनिश्चितकालीन अनशन

शिक्षकों ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन से अपनी मांगों को लेकर राजधानी पटना में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा. शिक्षकों का कहना है कि सरकार यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष रूमित रौशन, नमिता किरण, महिला अध्यक्ष शाना अकरम, प्रधान प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रणजीत कुमार, अनिल यादव, चंदन कुमार, शिवशंकर गिरी, नीरज सिंह, राणा नीलकांत, अमित कुमार, मनोज यादव, विष्णुकांत सिंह, मनीष शर्मा, राम उदय कुमार, रजनीश तिवारी, कृष्ण मुरारी सहित सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए.

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By हिमांशु कुमार

हिमांशु पिछले 11 वर्षों से समाचार लेखन, संपादन के कार्य में सक्रिय हैं. इन्हें प्रशासनिक खबरों, जनसरोकार से जुड़े मुद्दों, खेल, बाजार तथा विभिन्न सामाजिक एवं संस्थागत गतिविधियों पर सटीक और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग करने में विशेष रुचि है.

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