Motihari: पहली कक्षा में नव नामांकित बच्चों कों अब खेल-खेल में मिलेगा सीखने का अवसर

नयी पुस्तकों के साथ नव नामांकित बच्चों के लिए अब पढ़ाई बोझ नहीं बनेगी. सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में नव नामांकित बच्चों को अब खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा.

Motihari: मोतिहारी.नयी पुस्तकों के साथ नव नामांकित बच्चों के लिए अब पढ़ाई बोझ नहीं बनेगी. सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में नव नामांकित बच्चों को अब खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा. 21 अप्रैल से स्कूलों में घरेलू माहौल देने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. इन बच्चों के लिए विशेष कक्षा का संचालन किया जायेगा. प्रतिदिन कई रोचक गतिविधियां करायी जायेगी. खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा. पोषक क्षेत्र के साढ़े पांच वर्ष तक के बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करना है. इस चार विभागीय निर्देश के आलोक में छह महीने कम आयु के बच्चों का भी पहली कक्षा में नामांकन हो रहा है. नामांकन पखवाड़ा मनाए जाने का लक्ष्य पहली कक्षा में उस आयुवर्ग के सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है. इसे लेकर आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर शिक्षा स्वयंसेवक तक की भूमिका तय की गई है.

चिड़िया चिड़िया उड़ती जाए, खेल खेल में सीखने का मिलेगा अवसर

बच्चों को स्कूल में घर जैसा माहौल मिलने से उनमें सीखने के प्रति अभिरुचि जगेगी. वे प्रतिदिन विद्यालय आने के लिए तत्पर होंगे. उन्हें स्कूलों में खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा. इससे उनमें स्कूलों के प्रति रुझान बढ़ेगा. इन्हीं सब उद्देश्यों को लेकर शिक्षा विभाग ने विद्यालय तत्परता कार्यक्रम के तहत चहक मॉडयूल से प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा पहली कक्षा के बच्चों के लिये विशेष कक्षा का आयोजन किया जायेगा. यह तीन महीने का शेड्यूल है. इसमें प्रतिदिन विभिन्न खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का अवसर मिलेगा. राजू की सफाई, कांव कांव चित्र बनाएं, आवाज की पहचान, चिड़िया चिड़िया उड़ती जाए, राजा की बेटी, समझो और बुझी, कौन छोटा, अंक पहचान आदि गतिविधियों के माध्यम से प्रत्येक दिन बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा.

15 अगस्त तक चलेगा विद्यालय तत्परता कार्यक्रम

21 अप्रैल से 15 अगस्त तक नव नामांकित पहली कक्षा के बच्चों के बीच विद्यालय तत्परता (स्कूल रीडीनेस) कार्यक्रम संचालित होगा. इस आशय का पत्र प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने जारी की है. उन्होंने निपुण बिहार मिशन के तहत कार्यक्रम के संचालन के निर्देश दिए है. वैसे यह कार्यक्रम तीन माह के लिये है. लेकिन, ग्रीष्मावकाश, बाढ़ अथवा किसी अन्य कारण से इस अवधि में विद्यालय में शैक्षिक गतिविधि प्रभावित होती है तो कार्यक्रम को 15 अगस्त तक विस्तारित कर दिया जायेगा, नामांकन पखवाड़ा के बाद अगले सप्ताह इसकी तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है. जरूरत पड़ी तो नामित शिक्षकों के लिये एक दिन का उन्मुखीकरण आयोजित किया जाएगा.

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By SATENDRA PRASAD SAT

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