मोतिहारी पुलिस निलंबन: पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में गश्ती के दौरान एक नागरिक से अवैध रूप से रुपये मांगने के गंभीर मामले में एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त रुख अपनाया है. जांच में आचरण की भारी अनियमितता और अनुशासनहीनता उजागर होने के बाद गश्ती दल में शामिल एक पुलिस पदाधिकारी और तीन सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. एसपी की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
छोड़ने के एवज में मांगी थी रिश्वत
मामला नौ सितंबर की शाम का है. संग्रामपुर थाना क्षेत्र में गश्ती कर रहे पुलिस पदाधिकारी देव मोहन सिंह, सिपाही रवि रंजन कुमार, अभय कुमार और महिला सिपाही हेमा कुमारी पर स्थानीय निवासी ओमप्रकाश कुमार से उसे छोड़ने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने अरेराज डीएसपी कुमारी प्रियंका को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी.
डीएसपी की जांच रिपोर्ट में खुली पोल
डीएसपी कुमारी प्रियंका द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- घर की अवैध तलाशी: गश्ती दल ने बिना किसी ठोस आधार के ओमप्रकाश कुमार के घर में घुसकर तलाशी ली थी.
- आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली: घर से कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं होने के बावजूद पीड़ित पर रुपये देने का अनुचित दबाव बनाया गया.
- पहचान छिपाने का प्रयास: पूछताछ में पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को पहचानने से साफ मना किया, लेकिन आसपास के स्थानीय लोगों ने घटना की पुष्टि कर दी.
- अधिकारियों को नहीं दी सूचना: गश्ती दल ने इस पूरी गतिविधि और घटनाक्रम की जानकारी थाना प्रभारी या किसी वरीय पदाधिकारी को नहीं दी थी.
घोर अनुशासनहीनता और निलंबन
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि गश्ती दल में शामिल पुलिसकर्मियों का यह कृत्य घोर अनुशासनहीनता, संदिग्ध आचरण और स्वेच्छाचारिता का स्पष्ट प्रमाण है. नियमों की अनदेखी करने पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
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