इंस्टाग्राम एड पर क्लिक करना पड़ा भारी, रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 5.49 लाख की ठगी

इंस्टाग्राम पर दिखे रिटायरमेंट बेनिफिट विज्ञापन से शुरू हुए साइबर ठगी के जाल में रिटायर्ड बैंक चीफ मैनेजर फंस गए. फर्जी पोर्टल पर नाम और कर्मचारी आईडी देखकर भरोसा हुआ, जिसके बाद कुल 5.49 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया.

मोतिहारी साइबर ठगी: इंस्टाग्राम पर रिटायरमेंट बेनिफिट से जुड़ा विज्ञापन देखना पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड चीफ मैनेजर प्रवीण कुमार को महंगा पड़ गया. साइबर ठगों ने बैंक के आधिकारिक पोर्टल जैसा दिखने वाला फर्जी पोर्टल तैयार कर उनका भरोसा जीता और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उनके खाते से दो लाख रुपये उड़ा लिए. इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से भी 3.49 लाख रुपये की कथित अनधिकृत ट्रांजेक्शन हो गई. इस तरह एक ही मामले में कुल 5.49 लाख रुपये की रकम ठगों के हाथ लगने का आरोप है.

घटना के बाद शहर के बलुआ टाल मोहल्ला निवासी प्रवीण कुमार ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. उन्होंने मामले में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस अब फर्जी पोर्टल से लेकर सोशल मीडिया विज्ञापन और व्हाट्सऐप नंबर तक की जांच कर रही है.

इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल

आवेदन के अनुसार, प्रवीण कुमार ने इंस्टाग्राम पर पीएनबी के रिटायरमेंट बेनिफिट से संबंधित एक विज्ञापन देखा था. विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही उनका संपर्क व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर ठगों से हुआ.

ठगों ने रिटायरमेंट बेनिफिट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा दिया और एक लिंक भेजकर उस पर ऑनलाइन आवेदन करने को कहा. शिकायतकर्ता के अनुसार, यहीं से ठगी का पूरा जाल शुरू हुआ.

नाम, पद और कर्मचारी आईडी देखकर हो गया भरोसा

जिस पोर्टल पर आवेदन करने को कहा गया, वह देखने में बैंक की आधिकारिक वेबसाइट जैसा लग रहा था. शिकायतकर्ता के अनुसार, पोर्टल पर उनका नाम, पद, कर्मचारी आईडी और संपर्क से जुड़ी जानकारी भी दिखाई जा रही थी. यह जानकारी देखकर उन्हें पोर्टल के असली होने का भरोसा हो गया.

इसके बाद लिंक पर बताई गई ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते ही उनके बैंक खाते से दो लाख रुपये डेबिट होने का संदेश आया. रकम कटने की जानकारी मिलते ही उन्हें ठगी का शक हुआ और उन्होंने करीब एक घंटे के भीतर साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज करा दी.

क्रेडिट कार्ड से भी 3.49 लाख की कथित अनधिकृत ट्रांजेक्शन

बैंक से संपर्क करने पर जांच में यह बात सामने आई कि उनके क्रेडिट कार्ड से भी 3.49 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन दर्ज है. शिकायतकर्ता ने इस लेन-देन को पूरी तरह अनधिकृत बताया है और इस संबंध में साइबर थाने में अलग शिकायत भी दर्ज कराई है.

मामले में एक अहम बिंदु यह भी है कि शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित क्रेडिट कार्ड 17 अगस्त 2026 को जारी हुआ था, जबकि बैंक रिकॉर्ड में उससे 13 अगस्त को ही 3.49 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन दिखाई गई है. पुलिस अब इस तारीख और लेन-देन से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रही है.

ठगों को निजी जानकारी कहां से मिली, जांच शुरू

साइबर पुलिस फर्जी पोर्टल, इंस्टाग्राम विज्ञापन, भेजे गए लिंक और व्हाट्सऐप नंबर की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगों को एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी की कर्मचारी आईडी और अन्य निजी जानकारी कहां से मिली.

इसके अलावा दो लाख और 3.49 लाख रुपये की रकम किन खातों या माध्यमों से ट्रांसफर हुई, इसकी भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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By Amresh kumar

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