Motihari News: समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों के दिव्यांगता प्रमाणीकरण-सह-सहायक उपकरण जांच के लिए प्रखंड संसाधन केंद्र, मोतिहारी में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में 135 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया गया. इस दौरान बच्चों की दिव्यांगता की जांच के साथ आवश्यकतानुसार प्रमाणपत्र और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की गयी.
शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उन्हें सरकारी योजनाओं और आवश्यक सहायक सुविधाओं का लाभ दिलाना है.
135 छात्र-छात्राओं का हुआ पंजीकरण
शिविर में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण किया गया. पंजीकरण के दौरान बच्चों की आवश्यक जानकारी दर्ज की गयी और उनकी दिव्यांगता की जांच करायी गयी.
जांच के आधार पर बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की गयी. शिविर में पहुंचे बच्चों और उनके अभिभावकों को उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी दी गयी.
चिकित्सकीय टीम ने की बच्चों की जांच
बच्चों की दिव्यांगता की जांच के लिए चिकित्सकीय टीम शिविर में मौजूद रही. टीम में डा. शत्रुधन, डा. कृति और डा. धनंजय सहित अन्य चिकित्सकीय सदस्य शामिल रहे.
जांच के दौरान बच्चों की स्थिति और आवश्यकता के अनुसार जानकारी दर्ज की गयी, ताकि पात्र बच्चों को संबंधित प्रमाणपत्र और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा सके.
बीईओ ने शिविर की व्यवस्था का लिया जायजा
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अफरोज आलम की मौजूदगी में शिविर की व्यवस्था और पंजीकरण कार्य का जायजा लिया गया. उन्होंने शिविर में बच्चों के लिए की गयी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जांच व पंजीकरण की प्रक्रिया को देखा.
जांच एवं अन्य प्रक्रियाओं में ऑडियोलॉजिस्ट आशीष गुप्ता, आलोक कुमार मिश्रा, प्रमोद कुमार विद्यार्थी, पंकज कुमार, संजू कुमारी सहित अन्य कर्मियों ने सहयोग किया.
मुफ्त प्रमाणपत्र के साथ मिलेंगे सहायक उपकरण
शिविर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क दिव्यांगता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है. इसके साथ ही बच्चों की जरूरत के अनुसार विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराये जाएंगे.
इनमें श्रवण मशीन, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, एमआर किट, वीआई किट सहित अन्य सामग्री शामिल है. उपकरणों का लाभ बच्चों की आवश्यकता और जांच के आधार पर दिया जाएगा.
शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है उद्देश्य
समग्र शिक्षा अभियान के तहत आयोजित इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है. इसके साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं और जरूरी सहायक सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रमाणिकरण और उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाना भी है.
शिविर में बच्चों की जांच और पंजीकरण के बाद उनकी आवश्यकताओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की गयी है. इसके आधार पर पात्र बच्चों को आगे निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी.
ये भी पढ़ें: पिपरा में डांसर माही-मनीषा के कार्यक्रम के दौरान हंगामा, भगदड़ से मची अफरा-तफरी, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
