मोतिहारी के रक्सौल से मनोज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
raxaul railway station accident: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहे रक्सौल रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के बीच रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया. स्टेशन के पुराने भवन को ध्वस्त करने के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर भवन का एक हिस्सा और छत अचानक भरभराकर गिर पड़ा. घटना के समय प्लेटफॉर्म पर यात्री मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.
मलबे की तेज आवाज से यात्रियों में मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार को पुराने भवन को तोड़ने का कार्य चल रहा था, तभी प्लेटफॉर्म संख्या-1 की ओर स्थित छत अचानक नीचे आ गिरी. तेज आवाज के साथ मलबा गिरने से वहां मौजूद यात्री घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. यात्रियों का आरोप है कि जहां भारी तोड़फोड़ चल रही है, वहां पर्याप्त सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) नहीं लगाया गया था. इसके अलावा यात्रियों को सचेत करने के लिए कार्यस्थल पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा संकेतक एवं मार्गदर्शन की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे गंभीर सवाल
रेलवे के सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसे संवेदनशील कार्यों के दौरान प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराना और सुरक्षा जाल का उपयोग करना अनिवार्य है, लेकिन रक्सौल में इसकी भारी कमी दिखी. इस संबंध में पूछे जाने पर स्टेशन अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की तत्काल जानकारी नहीं है, मामले की जानकारी लेकर संबंधित संवेदक से पूछताछ की जाएगी. वहीं, रेलवे के आईओडब्ल्यू श्रवण कुमार ने कहा कि छत गिरने की सूचना उन्हें नहीं मिली है, मामले की जांच कर आगे सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा. स्थानीय लोगों ने भविष्य में बड़ी दुर्घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है.
