Motihari News: मोतिहारी. कई महीने की जांच और लगातार मेहनत के बाद पुलिस ने डकैती कांड का उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है. पुलिस के अनुसार, डकैत बेहद सतर्कता से वारदात को अंजाम देते थे. वे मोबाइल फोन और वाहन का इस्तेमाल नहीं करते थे. ट्रेन से संबंधित इलाके तक पहुंचने के बाद ई-रिक्शा से गांव के नजदीक जाते और फिर पैदल सरेह के रास्ते घटनास्थल तक पहुंचते थे. इसी वजह से पुलिस के लिए उनकी पहचान और गिरफ्तारी करना चुनौतीपूर्ण रहा.
कई महीने से डकैती कांड की जांच में जुटी थी एसआईटी
पुलिस के अनुसार, मामले के उद्भेदन के लिए कई महीने से एसआईटी काम कर रही थी. जांच के दौरान डकैतों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के तरीके का पता लगाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि डकैत मोबाइल और गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करते थे. उनकी इस रणनीति के कारण जांच में परेशानी आयी, लेकिन लगातार प्रयास के बाद पुलिस मामले तक पहुंचने में सफल रही.
ट्रेन से आते, ई-रिक्शा से गांव तक पहुंचते थे
जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रेन से इलाके में आते थे. इसके बाद वहां से ई-रिक्शा का सहारा लेकर गांव के आसपास तक पहुंचते थे.
गांव के नजदीक पहुंचने के बाद वे पैदल सरेह के रास्ते आगे बढ़ते थे. पुलिस के अनुसार, इस तरीके से वे अपनी गतिविधियों को छिपाने और पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते थे.
मोबाइल और वाहन से दूरी बनाकर करते थे वारदात
पुलिस के मुताबिक, डकैतों की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे मोबाइल फोन और वाहनों का इस्तेमाल नहीं करते थे. इससे पुलिस को तकनीकी सुराग जुटाने में मुश्किल हुई.
इसके बावजूद एसआईटी ने विभिन्न बिंदुओं पर लगातार जांच करते हुए डकैती कांड के नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता हासिल की. जांच के दौरान दो नेपाली डकैतों की भी पहचान की गयी है.
दो नेपाली डकैतों की हुई पहचान
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि डकैती कांड की जांच के दौरान दो नेपाली डकैतों की पहचान की गयी है. इनके बारे में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों और डकैती की घटनाओं से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है. पहचान किये गये आरोपियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की एसपी ने की सराहना
एसपी ने डकैती कांड के उद्भेदन में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों के कार्य की सराहना की. उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम को 30 हजार रुपये की राशि से पुरस्कृत किया जा रहा है.
पुरस्कार पाने वाली टीम में सिकरहना एसडीपीओ, ढाका थानाध्यक्ष, कुंडवा चैनपुर थानाध्यक्ष, चिरैया थानाध्यक्ष, घोड़ासहन थानाध्यक्ष और डीआईयू की टीम शामिल है.
कठिन जांच के बाद मिली सफलता
एसपी ने कहा कि डकैतों के मोबाइल और वाहन का इस्तेमाल नहीं करने के कारण मामले की जांच में कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार काम करते हुए मामले का उद्भेदन कर लिया.
डकैती कांड की जांच में शामिल अधिकारियों और जवानों के प्रयास को देखते हुए उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है.
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