Motihari: चेहरा झुलसाने वाली धूप से लोग हुए बेहाल

इस सीजन में पहली मर्तबा मंगलवार के बाद बुधवार को मोतिहारी शहर व गंवई बाजार को जोड़ने वाली की सड़कों, ऑफिस और भवनों से दवंक यानी आंच निकलती महसूस हुई.

Motihari:वरीय संवाददाता, मोतिहारी. उफ ! ये गर्मी जान ले लेगी क्या. अभी यह हाल है तो मई जून में क्या होगा. हर कोई के जुबान से यह शब्द निकल रहे थे. गर्मी का सितम अब बर्दाश्त से बाहर होने लगा है. इस सीजन में पहली मर्तबा मंगलवार के बाद बुधवार को मोतिहारी शहर व गंवई बाजार को जोड़ने वाली की सड़कों, ऑफिस और भवनों से दवंक यानी आंच निकलती महसूस हुई. 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के साथ पारा 2025 के टॉप पर पहुंच गया. पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने की वजह से गर्मी का ये रौद्र रूप देखने को मिला है. पूरे दिन गर्म हवा भी 5-15 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चल रही थी. सड़क धधक उठी. बाइक से चलने वाले को पिच से निकलने वाली आंच चेहरे को झुलसा रही थी. कपड़े से लोग मुंह को ढक कर बाहर निकले. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. घरों में भी लोग बेचैन रहे. उमस भरी गर्मी ने सबको परेशान कर दिया. लोग कह रहे हैं कि बैशाख में यह हाल है, तो अभी जेठ पूरी बाकी है.

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डा. अरविन्द कुमार ने कहा कि आगे गर्मी का तेवर तेजी से बढ़ेगा. अभी तो ये शुरुआत है. मौसम को हीट वेव का येलो अलर्ट जारी कर दिया है. अगले पांच दिनों तक तापमान में 3-4 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है. अप्रैल महीने में तापमान 42 डिग्री के ऊपर भी जा सकता है. पश्चिमी विक्षोभ का असर ��त्म हो गया है, लेकिन पुरवा का सिलसिला जारी है.

स्वयं के साथ बच्चों पर दें खास ध्यान

– डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं- बच्चा स्कूल गया है और उसे लेने के लिए जाएं, तो छतरी लेकर जाएं, बच्चे को कैप पहना दें

– जरूरी न हो तो धूप में बाहर बिल्कुल न खेलेंबुजुर्गों के लिए यह बहुत जरूरी

– गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत डिहाइड्रेशन की होती है और बुजुर्गों के लिए मेंटेन कर पाना आसान नहीं होता.- बुजुगों को अगर बीमारी है तो हाइड्रेशन बनाये रखने के लिए ओआरएस का घोल इस्तेमाल करें- कोशिश करें कि सुबह धूप निकलने से पहले ही वॉक पर जाएं व अपना जरूरी काम निबटा लें- अगर दिन में जाना है, तो अपने साथ ओआरएस का घोल लेकर जाएं. यही पीएं, बाहर का पानी न पीएं- खाली पेट बाहर न जाएं, इससे डिहाइड्रेशन की परेशानी जल्दी हो सकती है- अगर बीपी, शुगर जैसी बीमारी है, तो लंबे समय तक उपवास न करें

11 बजे तक ही पारा 39 के पार

बुधवार की सुबह के 8:30 बजे तक आसमान में बादलों जैसे हालात रहे. उसके बाद से तीखी धूप की वजह से पारा 30 डिग्री और 11 बजे तक 40 डिग्री पहुंच गया. अधिकतम पारा सामान्य से 2.7 डिग्री ज्यादा और रात में 4.1 डिग्री ऊपर जाकर 26.4 डिग्री पर चला गया. आर्द्रता 39% पर रहा. जबकि हवा 11.4 किमी की रफ्तार से चलती रही.

हीट स्ट्रोक से बचाव कैसे करें

– ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनकर निकलें, सूती, हल्का और ढीला कपड़ा पहनें- खुद को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें, पानी की मात्रा बढ़ा दें, ताकि डिहाइड्रेशन न हो- अगर एसी में हैं और रूम टेंपरेचर 20 डिग्री है और बाहर 40 डिग्री है, तो अचानक बाहर नहीं निकलें- आंखों के बचाव के लिए काला चश्मा पहनें. इससे राहत मिलेगी- अगर घर पर बुजुर्ग या डायबिटीज के मरीज है, कोई बीमारी है, तो उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा है.

क्या कहते हैं चिकित्सक

सर पर भीगा तौलिया लेकर चलें और बीपी वालेदवा का नियमित सेवन करें. बच्चे को दस्त हो तो ओ आर एस पिलायें, 100 डिग्री से ज्यादा बुखार हो तो पारासिटामोल खिलायें. कर्बाइड से पक्का पपीता खाने से परहेज करें. अगर मजबूरी हो तो चार पांच बार धोएं तब खायें.मसालेदार भाेजन से परहेज करें. दोपह में पानी वाला फल यथा खीरा,तरबूज,ककरी आदि का सेवन करें.डाॅ आशुतोष शरण ,वरीय चिकित्सक सहआइएमए अध्यक्ष बिहार.

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Published by: Satendra prasad sat

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