Motihari News: मोतिहारी. वर्षों से लंबित न्यायसंगत मांगों के पूरा नहीं होने के विरोध में बिहार पंचायत सेवा संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार, 14 सितंबर से काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन शुरू किया. प्रखंड स्तर पर पंचायती राज विभाग के एकमात्र विभागीय पदाधिकारी के रूप में कार्यरत प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों समेत सेवा संवर्ग से जुड़े पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया. संघ का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं.
काली पट्टी बांधकर पदाधिकारियों ने जताया सांकेतिक विरोध
सोमवार से पंचायत सेवा संघ के पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सांकेतिक प्रदर्शन किया. पदाधिकारियों ने कहा कि विरोध का उद्देश्य सरकार और विभाग तक वर्षों से लंबित मांगों को प्रभावी तरीके से पहुंचाना है. मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संघ की ओर से सांकेतिक विरोध जारी रखने की बात कही गयी है.
प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को राजपत्रित करने की मांग
संघ की प्रमुख मांगों में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के पद को राजपत्रित करने की मांग शामिल है. पदाधिकारियों का कहना है कि प्रखंड स्तर पर पंचायती राज विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के संचालन में उनकी जिम्मेदारी अहम है. ऐसे में पद की प्रकृति और जिम्मेदारियों को देखते हुए इसे राजपत्रित करने की मांग लंबे समय से रखी जा रही है.
कार्यपालक पदाधिकारी पंचायत समिति का दायित्व देने की मांग
बिहार पंचायत सेवा संघ ने प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को पुनः कार्यपालक पदाधिकारी, पंचायत समिति का दायित्व दिए जाने की भी मांग की है. संघ का कहना है कि पंचायत समिति से जुड़े प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों के संचालन में यह जिम्मेदारी उनकी भूमिका को और स्पष्ट करेगी.
प्रमोशन व्यवस्था में बदलाव की भी मांग
संघ की मांगों में लेवल-7 से लेवल-7 में होने वाले प्रमोशन की व्यवस्था में बदलाव भी शामिल है. पदाधिकारियों ने सेवा संवर्ग से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों के समाधान की भी मांग सरकार के समक्ष रखी है. संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर पूर्व में भी विभाग और सरकार के समक्ष कई बार विषय रखा जा चुका है.
समाधान होने तक जारी रहेगा सांकेतिक विरोध
बिहार पंचायत सेवा संघ ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक और न्यायोचित विचार कर समाधान होने तक सांकेतिक विरोध जारी रहेगा. पदाधिकारियों ने उम्मीद जतायी कि सरकार और विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेंगे. सोमवार को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन के माध्यम से एक बार फिर सरकार का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया गया.
