बिहार में राष्ट्रीय बांस मिशन योजना से समृद्ध होंगे किसान, पूर्वी चंपारण समेत 21 जिलों में मिलेगा भारी अनुदान

बिहार सरकार का राष्ट्रीय बांस मिशन किसानों के लिए आय बढ़ाने का नया अवसर लाया है. राज्य के 21 जिलों में बांस रोपण पर सब्सिडी मिल रही है. ऑनलाइन आवेदन कर लाभ उठाएं.

राष्ट्रीय बांस मिशन: बिहार सरकार के कृषि विभाग अंतर्गत उद्यान निदेशालय द्वारा संचालित 'राष्ट्रीय बांस मिशन योजना (2026-27)' के तहत राज्य के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं. इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बांस की वैज्ञानिक और आधुनिक व्यावसायिक खेती के लिए प्रेरित करना है. इसके जरिए प्रदेश में बांस उत्पादन को नई ऊंचाई देने, किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा ग्रामीण स्तर पर स्थायी आजीविका के साधन विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है.

पूर्वी चंपारण समेत राज्य के 21 जिलों का हुआ चयन

योजना की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बंजरिया के प्रखंड उद्यान पदाधिकारी किशन कुमार ने बताया कि पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण सहित बिहार के चयनित 21 जिलों में इस मिशन को जमीनी स्तर पर लागू किया गया है. बंजरिया प्रखंड के प्रगतिशील व इच्छुक किसान इस सरकारी पहल का सीधा लाभ उठा सकते हैं. योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को निजी भूमि पर उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) बांस रोपण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और प्रति इकाई लागत पर सरकार द्वारा आकर्षक वित्तीय अनुदान सीधे उपलब्ध कराया जाएगा.

पात्रता, भूमि सीमा और चयन की प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए विभाग ने पारदर्शी मानक निर्धारित किए हैं:

  • लक्षित क्षेत्र: पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण समेत प्रदेश के सभी चयनित 21 जिलों के रैयत किसान आवेदन के पात्र हैं.
  • भूमि का दायरा: किसान न्यूनतम 0.04 हेक्टेयर (10 डिसमिल) से लेकर अधिकतम 0.20 हेक्टेयर (50 डिसमिल) तक की भूमि पर बांस रोपण के लिए अनुदान प्राप्त कर सकते हैं.
  • चयन का आधार: योजना में लाभुकों का चयन पूरी तरह 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा.
  • पति-पत्नी के लिए नियम: पति और पत्नी दोनों अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते दोनों के नाम पर अलग-अलग भूमि का स्वतंत्र स्वामित्व प्रमाण उपलब्ध हो.

ऑनलाइन आवेदन के लिए अनिवार्य दस्तावेज

इच्छुक किसानों को आवेदन करते समय वैध दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे:

  • जमीन के कागजात: भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र (एलपीसी), 2 वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व लगान रसीद अथवा ऑनलाइन दाखिल-खारिज अद्यतन रसीद.
  • वंशावली साक्ष्य: पूर्वजों के नाम से जमीन होने की स्थिति में वैध वंशावली के आधार पर भूमि स्वामित्व का सत्यापन.
  • किसान पंजीकरण: डीबीटी कृषि पोर्टल पर पंजीकृत किसान आईडी और व्यक्तिगत विवरण.

पोर्टल पर करें ऑनलाइन आवेदन

प्रखंड उद्यान पदाधिकारी ने अपील की है कि किसान आधिकारिक पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाकर तुरंत ऑनलाइन पंजीकरण कराएं. विशेष तकनीकी जानकारी के लिए विभागीय हेल्पलाइन नंबर 8709434644 पर भी संपर्क किया जा सकता है.

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By Raj Nikhil

राज निखिल एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं. उन्हें विशेष रूप से क्राइम रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया में विशेष अनुभव है. वर्तमान में वह 'प्रभात खबर' से जुड़े हैं. इससे पहल वे 'न्यूज 18 लोकल', 'पब्लिक वाइल्ड डिजिटल' और 'सन्मार्ग' में सेवाएं दे चुके हैं.

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