Raxaul News: रक्सौल. नगर परिषद रक्सौल में कार्यालयी कार्यप्रणाली को लेकर सामने आये आरोपों की जांच के लिए गुरुवार को हरैया थाना पुलिस नगर परिषद कार्यालय पहुंची. थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कई घंटे तक पूरे मामले की पड़ताल की. पुलिस ने नगर प्रबंधक के कार्यकक्ष के कथित अनधिकृत इस्तेमाल, बाहरी व्यक्ति को सरकारी संचिकाएं दिखाने, CCTV कैमरे के साथ छेड़छाड़, सरकारी कार्य में बाधा और साक्ष्यों से कथित छेड़छाड़ समेत विभिन्न बिंदुओं पर जांच की. इस दौरान उच्च वर्गीय सहायक, प्रभारी प्रधान सहायक, कर संग्राहक, कार्यवाहक सभापति समेत अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गयी.
नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर पुलिस ने की जांच
हरैया थाना की टीम ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर संबंधित कक्षों और दस्तावेजों की स्थिति का जायजा लिया. पुलिस की जांच केवल CCTV कैमरे तक सीमित नहीं रही, बल्कि सरकारी संचिकाओं के इस्तेमाल और कार्यालय में बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी से जुड़े आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा गया.
पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से मामले की जानकारी लेते हुए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया.
संचिका को लेकर अलग-अलग बयान सामने आये
पूछताछ के दौरान संबंधित सरकारी संचिका को लेकर अधिकारियों और कर्मियों के अलग-अलग बयान सामने आने की बात कही गयी. उच्च वर्गीय सहायक मृत्युंजय मृणाल ने पुलिस को बताया कि संबंधित संचिका की मांग उनसे प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा ने की थी.
वहीं प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा ने पुलिस को बताया कि संचिका की मांग कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी की ओर से की गयी थी. बयानों में अंतर सामने आने के बाद पुलिस अब तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है.
CCTV कैमरा बना जांच का अहम सुराग
नगर परिषद कार्यालय में सुरक्षा और गतिविधियों की निगरानी के लिए लगे CCTV कैमरे के साथ कथित छेड़छाड़ मामले का अहम बिंदु बनी हुई है. पुलिस ने मौके पर CCTV कैमरे की स्थिति का निरीक्षण किया और यह जानने की कोशिश की कि कैमरे के साथ वास्तव में क्या हुआ.
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि CCTV हटाने या उसके साथ छेड़छाड़ करने का निर्देश किसकी ओर से दिया गया था. प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा के अनुसार, CCTV कैमरा हटाने का निर्देश कार्यवाहक सभापति की ओर से दिया गया था.
सरकारी संचिका और बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी पर भी जांच
पुलिस ने नगर प्रबंधक के कार्यकक्ष के कथित अनधिकृत इस्तेमाल और वहां बाहरी व्यक्ति को बैठाकर सरकारी संचिकाएं दिखाये जाने के आरोपों की भी पड़ताल की. इस दौरान संबंधित लोगों के बयान लिये गये और कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जानकारी जुटायी गयी.
पुलिस अब यह मिलान कर रही है कि पूछताछ में सामने आये बयानों और कार्यालय में उपलब्ध साक्ष्यों में कितना मेल है.
आमने-सामने पूछताछ से सामने आयेगी सच्चाई
पुलिस जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से आमने-सामने पूछताछ भी की गयी. इसका उद्देश्य अलग-अलग बयानों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है.
पुलिस मामले में सरकारी कार्य में बाधा और संभावित साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसे आरोपों की भी जांच कर रही है. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
CCTV से छेड़छाड़ कानूनन अपराध : थानाध्यक्ष
हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि मामले की जांच की गयी है. उन्होंने कहा कि CCTV कैमरे के साथ छेड़छाड़ करना कानूनन अपराध है. पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है.
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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