मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Motihari open gym: पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी सदर प्रखंड से एक बड़ा मामला सामने आया है.ग्रामीणों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य और व्यायाम की सुविधा देने के उद्देश्य से विभिन्न पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ओपन जिम अब पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं.करोड़ों रुपये फूंकने के बाद भी इस महत्वपूर्ण फिटनेस योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि कई जगहों पर उपकरण पूरी तरह से टूट-फूटकर कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं.
सदर प्रखंड की 16 पंचायतों में योजना फेल
जानकारी के मुताबिक सदर प्रखंड की करीब 16 पंचायतों में सरकारी योजना के तहत इन ओपन जिमों की स्थापना की गई थी.योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं,महिलाओं और बुजुर्गों को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ और कसरत की सुविधा उपलब्ध कराना था.यदि सभी 16 पंचायतों में हुए खर्च का आकलन किया जाए तो इस पूरी योजना पर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि खर्च की गई है.इसके बावजूद गुणवत्ता की कमी और देखरेख के अभाव में उपकरण टूटने और जंग लगने के कारण लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.
गुणवत्ता और रखरखाव पर उठ रहे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि एक ओपन जिम लगाने पर औसतन चार से पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं,लेकिन घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण लगाने के कुछ ही दिनों बाद उपकरण खराब होने लगे.कहीं पैडल टूट गए हैं तो कहीं सीट और हैंडल गायब हैं.रखरखाव की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और खराब हो गई है.अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने,खराब उपकरणों को दुरुस्त कराने और दोषी एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
