मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट
Motihari News: जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया.संघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राय की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में नियोजित शिक्षक शामिल हुए.शिक्षकों ने समय पर प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और पिछले चार महीने से लंबित पड़े वेतन के भुगतान की मांग को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आक्रोश व्यक्त किया.
विभाग की दोहरी नीतियों से त्रस्त हैं शिक्षक
धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राय ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक आज सरकार और शिक्षा विभाग की लापरवाही, मनमानी व दोहरी नीतियों से पूरी तरह त्रस्त हैं.उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए शिक्षकों को इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में सड़कों पर आंदोलन करने को विवश होना पड़ रहा है, जो वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
20 वर्षों से अधिकारों से वंचित हैं नियोजित शिक्षक
संघ के वरीय जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था की मुख्यधारा में अपना अहम योगदान देने वाले नियोजित शिक्षक विभाग के उदासीन रवैये के कारण आज भी प्रोन्नति और ऐच्छिक स्थानांतरण जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि चार माह से मानदेय-वेतन नहीं मिलने के बावजूद शिक्षक पूरी निष्ठा से शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके घरों में भुखमरी की स्थिति आ गई है.नियोजन नियमावली 2006, 2012 और 2020 में स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद स्नातक ग्रेड और मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का लाभ नहीं दिया गया है.
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर नियम तो कागजों पर बना दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर शिक्षकों को उनका लाभ नहीं मिलता है.धरना में उपस्थित शिक्षक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को पूरे सूबे में और अधिक उग्र व तेज किया जाएगा.
