Motihari News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबी हड़ताल समाप्त होने के बाद आज से कामकाज पटरी पर लौट आएगा. जिले के सभी 27 अंचलों में राजस्व कर्मचारी आज अपना योगदान देंगे. हालांकि, हड़ताल के कारण पिछले डेढ़ महीने से पेंडिंग पड़े करीब 20,000 दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों का निष्पादन करना प्रशासन और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है.
अपर समाहर्ता ने जारी किया सख्त निर्देश
कामकाज दोबारा शुरू होने के मद्देनजर अपर समाहर्ता मुकेश सिन्हा ने स्पष्ट आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि योगदान देने के साथ ही सभी कर्मचारी लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना शुरू करें. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और त्वरित कार्रवाई करें. कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
डेढ़ महीने से ठप था काम, बढ़ीं मुश्किलें
बता दें कि जिले में करीब डेढ़ महीने से राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी. इस दौरान अंचलों में जमीन से जुड़े सारे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप थे. म्यूटेशन और परिमार्जन जैसे कार्यों के लिए आम जनता कार्यालयों के चक्कर काट रही थी. अब जब हड़ताल खत्म हुई है, तो फाइलों का अंबार लगा हुआ है. प्रशासन का मुख्य फोकस अब समयबद्ध तरीके से इन लंबित आवेदनों को निष्पादित कर आम लोगों को राहत पहुंचाना है.
मोतिहारी से सच्चिदानंद सत्यार्थी की रिपोर्ट
