Motihari news: पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा प्रखंड अंतर्गत दीपउ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर चर्चा में है. विडंबना यह है कि अस्पताल अपने इलाज के लिए नहीं, बल्कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण सुर्खियों में है. अस्पताल के विधिवत संचालन शुरू होने से पहले ही यहां दूसरी बार चोरी की घटना सामने आई है. इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं.
उद्घाटन के छह माह बाद भी बंद है अस्पताल
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि अस्पताल भवन का उद्घाटन हुए करीब छह माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की जा सकीं. ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा गार्ड और कर्मियों की तैनाती नहीं होने के कारण असामाजिक तत्व इस सरकारी भवन को निशाना बना रहे हैं. चोरों ने इस बार बिजली के उपकरण और अन्य कीमती सामग्री पर हाथ साफ किया है, जिससे सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है.
भीषण गर्मी में इलाज के लिए भटक रहे लोग
एक तरफ पूरा क्षेत्र भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जहां लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाओं की सख्त जरूरत है. वहीं दूसरी ओर, लाखों की लागत से बना यह अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि अस्पताल समय पर चालू हो जाता, तो न केवल मरीजों को राहत मिलती बल्कि कर्मियों की मौजूदगी से चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगती. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चोरी के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सुरक्षा गार्डों की तैनाती कर अस्पताल को अविलंब जनहित में शुरू किया जाए.
पूर्वी चंपारण के कोटवा से शिवम कुमार की रिपोर्ट
