Motihari News: सदर प्रखंड के चन्द्रहिया स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है. मंगलवार को विद्यालय के निरीक्षण में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर पाई गई. यहाँ वर्ग 6 से 8 तक की 41 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के नाम पर कैंपस में मात्र एक गार्ड तैनात है, जो स्वयं अस्वस्थ बताया जा रहा है.
बंद पड़े सीसीटीवी और फायर सेफ्टी का अभाव
लाखों रुपये की लागत से विद्यालय परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे वर्तमान में सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. कैमरों के बंद पड़े होने से छात्राओं की निगरानी पूरी तरह ठप है. इतना ही नहीं, परिसर में अग्नि शमन (फायर सेफ्टी) का कोई इंतजाम नहीं है. रात के समय स्थिति और भी जोखिम भरी हो जाती है, जिससे आपातकालीन स्थिति में छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को सहायता मिलना मुश्किल है.
सड़ी सब्जियां और जर्जर भवन दे रहे हादसों को दावत
छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है. मेनू के नाम पर उन्हें सड़ी-गली और खराब गुणवत्ता वाली सब्जियां परोसी जा रही हैं. आपूर्ति करने वाले वेंडर की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है. वहीं, विद्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है. दीवारों से पानी का रिसाव हो रहा है और ऊपरी हिस्सा कभी भी हादसे का कारण बन सकता है. जल निकासी की व्यवस्था न होने से परिसर में गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बना रहता है.
क्या कहती हैं वार्डन
मामले पर वार्डन सीमा खातून ने बताया कि वह एक वर्ष से यहाँ प्रतिनियुक्ति पर हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि व्यवस्थाओं में कमियां हैं, जिन्हें सुधारने का प्रयास किया जा रहा है. वार्डन ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने, खराब सब्जियों को वापस करने और सीसीटीवी कैमरों को जल्द ठीक कराने का आश्वासन दिया है. हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए छात्राओं के अभिभावकों में गहरा आक्रोश है.
मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
