Motihari News: सेंट्रल जेल मोतिहारी के बंदियों और उनके परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देश पर जेल परिसर के मुलाकाती पंजीकरण भवन में एक विशेष ‘लीगल एड हेल्प डेस्क’ की शुरुआत की गई है . इसका उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव नितिन त्रिपाठी ने किया . अब कैदियों और उनसे मिलने आने वाले परिजनों को कानूनी सलाह के लिए भटकना नहीं पड़ेगा . जेल में सप्ताह के हर दूसरे दिन एक पैनल अधिवक्ता की ड्यूटी रहेगी, जो मुकदमों और विधिक अधिकारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान करेंगे .
बौद्धिक रूप से अक्षम बंदियों को भी समान हक, ‘रेडियो दोस्ती’ से जगी उम्मीद
हेल्प डेस्क की शुरुआत के बाद जेल के अंदर एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया . इसमें सचिव नितिन त्रिपाठी ने कहा कि बौद्धिक अक्षमता के शिकार बंदियों के साथ भी सामान्य कैदियों जैसा ही मानवीय व्यवहार होना चाहिए . कानून की नजर में सब बराबर हैं और उन्हें भी मुफ्त विधिक सहायता पाने का पूरा अधिकार है . इस मौके पर जेल के आंतरिक रेडियो स्टेशन ‘रेडियो दोस्ती’ के माध्यम से भी कैदियों को जागरूक किया गया . वहीं पटना के एनजीओ ‘लॉ फाउंडेशन’ द्वारा महिला बंदियों, उनके बच्चों और पुरुष बंदियों के बीच खेल व अन्य सामग्रियों का वितरण किया गया .
पाकशाला और वार्डों का औचक निरीक्षण, व्यवस्था देख गदगद हुए सचिव
कार्यक्रम के समापन के बाद डीएलएसए सचिव ने जेल प्रशासन की मुस्तैदी को परखने के लिए केंद्रीय कारा की पाकशाला (रसोई) और विभिन्न कैदी वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया . निरीक्षण के दौरान जेल के भीतर मिली शानदार साफ-सफाई और बेहतरीन प्रबंधनों को देखकर सचिव ने जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा और उनकी टीम की काफी सराहना की . मौके पर उपाधीक्षक संजय कुमार, एलएडीसी अर्यदेव और सहायक अधीक्षक मुख्य रूप से मौजूद थे .
मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट
