Motihari News: बकरीद पर्व नजदीक आते ही शहर के मधुबन छावनी चौक पर कटहल, पीपल और गूलर के पत्तों की अनोखी मंडी सजने लगी है. कुर्बानी के लिए पाले गए बकरों को खिलाने के लिए लोग सुबह-सुबह यहां पहुंचकर पत्तों की खरीदारी कर रहे हैं.
सुबह चार बजे से आठ बजे तक सजती है मंडी
प्रतिदिन सुबह चार बजे से आठ बजे तक लगने वाली इस मंडी में आसपास के गांवों से ग्रामीण पेड़ों की टहनियां लाकर बेचते हैं. विक्रेता संजू ने बताया कि पांच से सात छोटी टहनियों का एक मुट्ठा तैयार किया जाता है, जो 50 से 60 रुपये में बिकता है. बकरीद के दौरान पत्तों की मांग बढ़ने से करीब एक पखवाड़े तक चलने वाली इस बिक्री से कई गरीब परिवारों का खर्च निकल जाता है.
बकरों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं हरी पत्तियां
शहरी इलाकों में हरे चारे की कमी के कारण इस मंडी में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है. विक्रेता सुरेंद्र के अनुसार, इन पत्तियों में प्राकृतिक रूप से टैनिन होता है, जो बकरों के पेट के कीड़े खत्म करता है और उन्हें दस्त से बचाता है. इसके अलावा पत्तियों में मौजूद प्रोटीन से बकरों का मांस और फैट तेजी से बढ़ता है, जिससे वे सेहतमंद रहते हैं.
मोतिहारी से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट
