Raxaul News: रक्सौल. करीब 11 महीने से परिवार के संपर्क से बाहर चल रही नेपाल के धादिंग जिले की 36 वर्षीय सानुमाया तामांग को मुजफ्फरपुर से सकुशल बरामद कर शुक्रवार को परिजनों के हवाले कर दिया गया. मानव सेवा आश्रम वीरगंज की टीम ने जिला पुलिस कार्यालय, पर्सा के समन्वय से मुजफ्फरपुर पहुंचकर युवती को सुरक्षित वीरगंज लाया. इसके बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें उनके पिता गुणासिंह तामांग को सौंप दिया गया.
11 महीने से परिवार के संपर्क से बाहर थीं सानुमाया
सानुमाया तामांग धादिंग जिले के थानबेसी गांवपालिका की रहने वाली हैं. बताया गया कि वह पिछले करीब 11 महीने से अपने परिवार के संपर्क से बाहर थीं. परिजन लंबे समय से उनकी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे थे. मुजफ्फरपुर में उनके मिलने की सूचना के बाद परिवार को राहत की उम्मीद जगी.
मुजफ्फरपुर में लावारिस हालत में मिली थीं युवती
मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह मुजफ्फरपुर शहर में स्थानीय पुलिस को सानुमाया लावारिस अवस्था में मिली थीं. पुलिस ने उनसे पूछताछ के बाद उन्हें अपनी अभिरक्षा में रखा और आगे की प्रक्रिया के तहत मुजफ्फरपुर स्थित शांति कुटीर आश्रम में सुरक्षित रखा गया था.
मानव सेवा आश्रम की टीम ने मुजफ्फरपुर पहुंचकर किया बरामद
सानुमाया के मुजफ्फरपुर में होने की जानकारी मिलने के बाद जिला पुलिस कार्यालय, पर्सा के समन्वय से मानव सेवा आश्रम वीरगंज की टीम वहां पहुंची. टीम ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सानुमाया को सुरक्षित अपने साथ वीरगंज लाया. इसके बाद उनके परिवार से संपर्क स्थापित किया गया.
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पिता को सौंपा गया
मानव सेवा आश्रम वीरगंज के संस्थापक देवेश गुप्ता के अनुसार युवती की पहचान और परिवार से संपर्क होने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गयी. शुक्रवार को पर्सा के पुलिस अधीक्षक पवन कुमार भट्टराई और पुलिस नायब उपाधीक्षक चक्रबहादुर मल्ल की मौजूदगी में सानुमाया को उनके पिता गुणासिंह तामांग के सुपुर्द किया गया.
बेटी के सकुशल मिलने पर परिजनों ने ली राहत की सांस
सानुमाया के पिता उन्हें अपने साथ लेकर घर के लिए रवाना हुए. करीब 11 महीने बाद बेटी के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली. मानव सेवा आश्रम और पर्सा पुलिस के समन्वित प्रयास से लंबे समय से परिवार से दूर युवती को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सका.
