इग्नू में जुलाई 2026 सत्र के लिए नामांकन शुरू, 31 जुलाई तक करें आवेदन

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई है. यह विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का एक सुनहरा अवसर है, जो समाज के हर वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करता है.

Motihari News: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के गांधी भवन स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र में विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ होने के साथ ही विद्यार्थियों, नौकरीपेशा युवाओं, गृहिणियों तथा उच्च शिक्षा से वंचित लोगों के लिए नया अवसर उपलब्ध हुआ है.

लचीली शिक्षा प्रणाली इग्नू की सबसे बड़ी विशेषता

अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. श्याम नंदन ने बताया कि इग्नू का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक या व्यावसायिक कारणों से नियमित पढ़ाई नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों के लिए इग्नू बेहतर विकल्प है. यहां छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई के साथ रोजगार, व्यवसाय और अन्य जिम्मेदारियां भी निभा सकते हैं.

नई शिक्षा नीति के तहत ड्युअल डिग्री का अवसर

नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत छात्र-छात्राएं एक ही सत्र में दो अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर ड्युअल डिग्री का लाभ उठा सकते हैं. अन्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के नियमित विद्यार्थी भी इग्नू के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा प्राप्त करते हुए इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं.

ऑनलाइन संसाधनों के साथ मिलेगी पढ़ाई की सुविधा

इग्नू की लचीली शिक्षा प्रणाली के तहत विद्यार्थियों को प्रतिदिन कक्षा में उपस्थित रहने की बाध्यता नहीं होती. उन्हें स्व-अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन संसाधन, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, शैक्षणिक परामर्श सत्र तथा अध्ययन केंद्रों के माध्यम से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है.

इन पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश

जुलाई 2026 सत्र में अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और संस्कृत विषयों में स्नातक (ऑनर्स) तथा नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों में नामांकन होगा. इसके अलावा एम.ए. (अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र एवं संस्कृत), एम.कॉम., एम.बी.ए. तथा डिजिटल मीडिया और अनुवाद जैसे रोजगारोन्मुखी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश लिया जा सकेगा. इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार और आधुनिक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >