मोतिहारी. कैथवलिया स्थित रामायण मंदिर परिसर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित किया गया विशाल शिवलिंग है. इस शिवलिंग को तैयार करने में लगभग 11 साल का समय लगा है. निर्माणकर्ता विनायक वेंकट रमण ने बताया कि ग्रेनाइट पत्थर का वजन 340 टन था जिसको तरसाने के बाद इसका कुल वजन करीब 210 टन बताया जा रहा है, जो इसे देश ही नहीं बल्कि विश्व के चुनिंदा विशाल शिवलिंगों में शामिल करता है. शिवलिंग की भव्यता और कलात्मक नक्काशी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है. कैथवलिया में बन रहा रामायण मंदिर पूर्वी चंपारण ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है. मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी. मंदिर प्रबंधन के अनुसार निर्माण कार्य तय समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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