मोतिहारी में चार सिपाही सेवा से बर्खास्त, छापेमारी में 3 लाख रुपये गायब करने का मामला

मोतिहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी के दौरान 3 लाख रुपये गायब करने वाले चार सिपाहियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन और भ्रष्टाचार के प्रति सख्ती का संदेश देती है.

मोतिहारी पुलिस: छापेमारी के दौरान बरामद नकदी में हेराफेरी के मामले में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने चार सिपाहियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. बर्खास्त सिपाहियों में सिपाही/940 संतोष कुमार, सिपाही/672 गौतम यादव, सिपाही/633 कृष्ण कुमार और सिपाही/14 ओमप्रकाश शामिल हैं. विभागीय कार्रवाई के बाद एसपी ने यह आदेश जारी किया.

छापेमारी के दौरान गायब किये थे रुपये

मामला 21 नवंबर 2025 की रात का है. जानकारी के अनुसार, गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढ़िया गांव में एक मामले के अभियुक्त चंदन सिंह के घर पुलिस टीम ने छापेमारी की थी. इसी दौरान बरामद एक बैग से रुपये निकालकर गायब करने का आरोप इन चारों सिपाहियों पर लगा था.

पूछताछ के दौरान चारों से 3 लाख रुपये हटाकर पुलिस वाहन में छिपाने की बात सामने आयी. बाद में उक्त राशि बरामद कर ली गयी.

चारों सिपाही पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार

मामले में चारों सिपाहियों और बरामद 3 लाख रुपये की विधिवत जब्ती सूची तैयार की गयी. इसके बाद साहेबगंज थाना, मुजफ्फरपुर में कांड संख्या 691/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी. प्राथमिकी के बाद चारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

इसके बाद पुलिस विभाग के स्तर पर भी चारों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गयी. इस दौरान उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया. विभाग के अनुसार, सिपाहियों की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया.

विभागीय जांच के बाद बर्खास्तगी

विभागीय कार्यवाही पूरी होने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली और पुलिस हस्तक में प्रदत्त शक्तियों के तहत चारों सिपाहियों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया.

पुलिस विभाग की ओर से इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने और भ्रष्टाचार के मामलों में विभागीय स्तर पर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है. चारों सिपाहियों पर आपराधिक मामले के साथ विभागीय कार्रवाई भी की गयी.

पुलिस विभाग में सख्ती का संदेश

एसपी की ओर से की गयी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में इसकी चर्चा है. विभागीय स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि पुलिस सेवा के दौरान वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता के मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले में चारों सिपाहियों को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था. अब विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी है.

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By Sn Satyarthi

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