Motihari News: मोतिहारी. जिले में अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को जिला अग्निशमन विभाग की टीम ने बरियारपुर स्थित रहमानिया मेडिकल सेंटर का फायर सेफ्टी ऑडिट किया. जिला अग्निशमन पदाधिकारी मो. आरिफुज्जमा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल परिसर में लगे विभिन्न अग्नि सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन निकास व्यवस्था की जांच की.
अस्पताल के प्रमुख वार्डों में हुई फायर सेफ्टी जांच
हाल के दिनों में मुजफ्फरपुर और बिहार के अन्य हिस्सों में अस्पतालों में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग की टीम ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
इस दौरान इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और ओपीडी ब्लॉक में लगे फायर एक्सटिंग्विशर, पानी के होज रील, अलार्म सिस्टम और स्प्रिंकलर की कार्यक्षमता को परखा गया. अधिकारियों ने यह भी देखा कि आपात स्थिति में उपकरणों का इस्तेमाल प्रभावी तरीके से किया जा सकता है या नहीं.
इमरजेंसी एग्जिट के रास्तों की भी हुई समीक्षा
फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान अस्पताल के इमरजेंसी एग्जिट रास्तों का भी निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि आपात स्थिति में मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में किसी तरह की परेशानी न हो.
निकास मार्गों पर किसी प्रकार का अवरोध तो नहीं है, इसकी भी समीक्षा की गयी. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर आपातकालीन निकासी व्यवस्था को सुचारु रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
मॉक ड्रिल और स्टाफ प्रशिक्षण पर दिया गया जोर
ऑडिट के बाद अग्निशमन अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को आग से बचाव से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी. विभाग की ओर से कुछ आवश्यक सुधार करने और अस्पताल के कर्मचारियों को नियमित रूप से मॉक ड्रिल कराने की बात कही गयी.
इसके साथ ही स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का नियमित प्रशिक्षण देने की सलाह भी दी गयी, ताकि किसी आपात स्थिति में कर्मचारी तत्काल कार्रवाई कर सकें.
अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों के पालन की कही बात
फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान अस्पताल प्रबंधक डॉ. उमर तबरेज ने अग्निशमन टीम को अस्पताल में लगाये गये अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा के लिए निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन किया जाता है.
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाता है. ऑडिट के दौरान सदर की अग्निशमन पदाधिकारी अंबिका कुमारी समेत विभाग के कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे.
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