चकिया. अनुमंडल में कई स्थानों पर मूंग मोठ में पत्तियां पीली होकर फसल खराब हो रही है. कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से किए गए निरीक्षण में खरीफ फसलों पर सफेद मक्खी येलो मोजेक रोग भी सामने आया है. किसान बैधनाथ साह ने बताया कि कई स्थानों पर मूंग मोठ की फसलों में पत्तियां पीली होने की समस्या देखने को मिली है. इस रोग को येलो मोजेक कहा जाता है. यह बीमारी रस चूसने वाले कीटों एफिड सफेद मक्खी द्वारा फैलाई जाती है. इसकी रोकथाम के लिए किसान खेतों में निरंतर निगरानी रखे.खेत में पीवी पत्तियों के पौधे दिखाई देते ही उन्हें उखाड़ कर गहरे खड्ढे में दबा दे या जला दे. इसके अलावा 300 मिली लीटर डाइमिथोएट 30 ईसी या क्यूनालफास 25 ईसी 60 लीटर पानी में मिलाकर प्रति बीघा की दर से फसलों पर छिड़काव करें. ज़रूरत पड़ने पर 15 दिनों बाद फिर से छिड़काव किया जा सकता है. कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि कुछ स्थानों पर दलहनी फसलों पर कातरे का प्रकोप भी बना हुआ है .ऐसे में किसान गैस लालटेन या बल्ब जलाकर उसके नीचे मिट्टी का तेल मिले पानी की परात रखे. इसके पतंगे उसमें गिरकर मर जाएंगे.
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