Motihari: चालू वित्तीय वर्ष के राजस्व नीति पर विमर्श

नेपाल के बारा और पर्सा जिलों के उद्योग-कलकारखानों से राज्य हर साल करोड़ों की राजस्व संकलन कर रहा है.

Motihari: रक्सौल.नेपाल के बारा और पर्सा जिलों के उद्योग-कलकारखानों से राज्य हर साल करोड़ों की राजस्व संकलन कर रहा है, लेकिन इन क्षेत्रों की आधारभूत संरचना निर्माण में सरकार की उदासीनता के प्रति उद्योगपतियों और व्यवसायियों ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है. नेपाल सरकार के वित्त मंत्रालय और राजस्व परामर्श समिति द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के राजस्व नीति और कार्यक्रम के लिए आयोजित विचार-विमर्श कार्यक्रम में बोलते हुए वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव दिनेश कुमार घिमिरे ने कहा कि उन्होंने उद्योगपतियों और व्यवसायियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर, भंसार (कस्टम), राजस्व नीतियों में स्पष्टता की कमी, दरबंदी और मूल्यांकन में अस्पष्टता, अग्रिम आयकर से उत्पन्न समस्याएं और पर्सा व बारा जिलों में अधूरी अधोसंरचना जैसी समस्याएं हैं, जिन्हें आगामी बजट में प्राथमिकता के साथ संबोधित किया जाएगा. सचिव घिमिरे ने कहा कि नेपाल सरकार निजी क्षेत्र की भूमिका को और अधिक विस्तार देते हुए उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के विकास के माध्यम से देश की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि गौतम ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में उद्योगपतियों और व्यवसायियों की बड़ी भूमिका है, इसलिए सरकार को निजी क्षेत्र के सुझावों को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने ने राजस्व संकलन में गिरावट, व्यापार घाटा, सरकारी खर्च में अनियमितता, निवेश के लिए अनुकूल वातावरण की कमी जैसी समस्याओं को वर्तमान अर्थतंत्र के लिए बड़ी चुनौती बताया और आगामी बजट से इनका समाधान अपेक्षित किया. वहीं नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के केंद्रीय सदस्य डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने कहा कि केवल निजी क्षेत्र ही नहीं, देश के हर क्षेत्र में निराशा व्याप्त है. यदि उद्योगपति और व्यवसायी भी निराश हो गए तो देश की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. मौके पर वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष तथा मधेश प्रदेश के पूर्व पेयजल मंत्री ओमप्रकाश शर्मा, मधेश प्रदेश उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष अशोक टेमानी, जीतपुर सिमरा नगर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष मोहन शर्मा, वीरगंज संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष माधव राजपाल, आशिष लाठ, शिवजी प्रसाद कलवार सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATENDRA PRASAD SAT

SATENDRA PRASAD SAT is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >