Motihari Minority Scholarship: बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत आवेदन की प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक और बड़ा डिजिटल बदलाव किया है. अब इस योजना का लाभ उठाने के लिए पूर्वी चंपारण जिले के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी. सरकार ने पुरानी ऑफलाइन आवेदन व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है और अब केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे.
प्रक्रिया को पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने की कोशिश
जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मो. साजिद ने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और छात्र-अनुकूल बनाना है ताकि विद्यार्थियों का समय और पैसा दोनों बच सके. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सभी पात्र अल्पसंख्यक समुदायों (मुस्लिम, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध एवं ईसाई) के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या बहकावे में न आएं. आवेदन जमा करने के लिए जिला कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे या नजदीकी साइबर कैफे से सीधे आवेदन करें.
मैट्रिक पास को 10 हजार और इंटर पास को मिलेंगे 15 हजार रुपये
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति या बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड से मैट्रिक या फौकानिया परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने वाले अल्पसंख्यक छात्र एवं छात्राओं को 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वहीं इंटरमीडिएट या मौलवी परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाली सिर्फ अल्पसंख्यक छात्राओं को 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी.
चार हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ, ये दस्तावेज हैं जरूरी
ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करते समय छात्रों को अंक प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की छाया प्रति, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखनी होगी. इसके साथ ही पहचान के सत्यापन के लिए पहचान पत्र का विवरण भी आवश्यक है. जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेजों के साथ किए गए आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा. इस साल जिले के करीब चार हजार छात्र छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा.
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