Banjariya News: शिक्षा के मंदिर को मजबूत करने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बंजरिया प्रखंड में स्वतंत्रता दिवस पर एक प्रेरणादायक पहल सामने आयी. सिसवा पूर्वी पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बनकट में भवन विस्तार और खेलकूद के मैदान के लिए भूमि की कमी थी. इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय ग्रामीण बद्री ठाकुर और अरुण ठाकुर ने अपनी एक-एक कट्ठा निजी जमीन विद्यालय के नाम दान करने की घोषणा की. दोनों ग्रामीणों के इस फैसले से क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
स्कूल के लिए जमीन जुटाने में लगे थे ग्रामीण
विद्यालय में भूमि की कमी के कारण बच्चों को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए गांव में कई बैठकें हुई थीं. ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर विद्यालय के लिए जमीन खरीदने का भी प्रयास किया.
इसी दौरान बद्री ठाकुर और अरुण ठाकुर ने आगे बढ़कर अपनी निजी जमीन शिक्षा के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया. दोनों ने विद्यालय के नाम एक-एक कट्ठा जमीन दान करने की घोषणा की.
मुखिया ने दानदाताओं को किया सम्मानित
भूमि दान की घोषणा के बाद सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या प्रवीण ने पंचायत सरकार भवन में दोनों दानदाताओं को सम्मानित किया. उन्होंने बद्री ठाकुर और अरुण ठाकुर को अंगवस्त्र ओढ़ाया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट किये.
इस मौके पर मुखिया तान्या प्रवीण ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है. बद्री ठाकुर और अरुण ठाकुर का भूमि दान विद्यालय के विकास में मील का पत्थर साबित होगा. साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह प्रेरणादायक उदाहरण है.
विद्यालय के विकास का रास्ता होगा आसान
ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में भूमि की कमी लंबे समय से विकास में बाधा बनी हुई थी. अब दो ग्रामीणों की ओर से जमीन दान किये जाने से विद्यालय के भवन विस्तार और खेल मैदान के विकास का रास्ता आसान होगा.
इस अवसर पर मुखिया पति फैजूर रहमान मुन्ना, प्रभु ठाकुर, नारायण ठाकुर, राजेश कुमार, रितिक कुमार, ब्रजेश ठाकुर समेत स्थानीय प्रबुद्धजन, ग्रामीण और विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे. सभी ने दोनों दानदाताओं के प्रति आभार जताया.
