मोतिहारी: छह घंटे अंधेरे में बंजरिया, थाना से अस्पताल तक बिजली गुल, जनरेटर के सहारे चल रहा काम

मोतिहारी के बंजरिया प्रखंड में मंगलवार रात बिजली आपूर्ति ठप होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. करीब छह घंटे के ब्लैकआउट से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली.

Motihari News: मोतिहारी. बंजरिया प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार रात बिजली आपूर्ति ठप होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जमला पावर सब-स्टेशन से जुड़े फीडर में तकनीकी खराबी के कारण रात करीब 8:30 बजे से बुधवार भोर 2:30 बजे तक बंजरिया थाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही. करीब छह घंटे के ब्लैकआउट से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली.

Banjariya News: छह घंटे तक अंधेरे में रहे दर्जनों गांव

बिजली आपूर्ति बाधित रहने के दौरान सिंघिया सागर, अजगरी, सिसवा, पकड़िया, गोखुला, बनकट और चैलाहां समेत कई ग्रामीण इलाकों में पूरी तरह बिजली गुल रही. उमस भरी गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को काफी परेशानी हुई.

बंजरिया थाना में छाया रहा अंधेरा

बिजली कटौती का असर बंजरिया थाना पर भी पड़ा. थाना परिसर में पूरी तरह अंधेरा रहने के कारण पुलिसकर्मियों को रात के समय कामकाज निपटाने में परेशानी हुई. आवश्यक कार्यों को पूरा करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जनरेटर का लिया सहारा

पकड़िया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखने के लिए जनरेटर चलाना पड़ा. जनरेटर के सहारे किसी तरह जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों को संचालित किया गया.

33 केवी लाइन की खराबी से ठप हुई आपूर्ति

मिली जानकारी के अनुसार जमला पावर सब-स्टेशन से जुड़े 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी. विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने रात में ही खराबी दूर करने के लिए काम शुरू किया.

ढाई बजे के बाद बहाल हुई बिजली

विद्युत विभाग के कर्मचारियों की लगातार मशक्कत के बाद बुधवार भोर करीब 2:30 बजे 33 केवी लाइन की खराबी दूर कर दी गई. इसके बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली.

नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव की मांग

क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि बिजली लाइनों और फीडरों की नियमित निगरानी एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में इस तरह के लंबे ब्लैकआउट से बचने के लिए तकनीकी खराबियों की समय पर पहचान और सुधार जरूरी है.

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लेखक के बारे में

By Raj Nikhil

राज निखिल एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं. उन्हें विशेष रूप से क्राइम रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया में विशेष अनुभव है. वर्तमान में वह 'प्रभात खबर' से जुड़े हैं. इससे पहल वे 'न्यूज 18 लोकल', 'पब्लिक वाइल्ड डिजिटल' और 'सन्मार्ग' में सेवाएं दे चुके हैं.

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