Motihari: तेज आंधी में घरों व दुकानों के उड़ गये एस्बेस्टस

जिले में तेज आंधी व बारिश ने जमकर तबाही मचायी. रविवार की देर शाम आयी आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.

Motihari: मोतिहारी. जिले में तेज आंधी व बारिश ने जमकर तबाही मचायी. रविवार की देर शाम आयी आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. करीब एक घंटे की आंधी के कारण शहरी क्षेत्र में दर्जनों जगहों पर सड़क पर पेड़ व पेड़ की डालियां गिर गयीं. तेज आंधी की वजह से कई इलाके में लोगों के घरों व दुकानों के एस्बेस्टर भी उड़ गये हैं. शहर के स्टेशन पथ में बीएसएनएल के समीप स्कॉपिओ पर पेड़ की डाली गिरने से क्षतिग्रस्त हो गयी. वहीं बाइक सवार सहित कई लोग घायल है. इसके अलावे शहर के एमएस कॉलेज सहित कई जगहों पर बड़े-बड़े वृक्ष व उसकी टूटी हुई डालियां आफत बन कर गिरी. इस दौरान हवा की गति लगभग 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की बात कही गयी.

स्थानीय लोगों द्वारा के प्रयास से वृक्ष की टहनी को छांट कर वाहन को उसके नीचे से निकाला. वहीं आसपास के लोगों ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा. सूचना पर निगम व वन विभाग की टीम उक्त स्थल पर पहुंची. सोमवार की सुबह तक गिरे वृक्ष के टहनियों की कटाई कर सड़क से हटाया गया, जिसके बाद पूरी तरह से वाहन यातायात शुरू हुआ. इधर आंधी के दौरान पूरे शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बनी रही. तेज हवा के थमने के बाद बिजली विभाग ने आपूर्ति चालू की, लेकिन पंडित उगम पांडेय सहित कई इलाका में मेजर ब्रेकडाउन के कारण पूरी रात बिजली ठप रहा. इन इलाकों में सोमवार की दिन में मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की गयी. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

लोगों को मिली गर्मी से राहत

आंधी के साथ कुछेक जगहों पर जमकर बारिश हुई. जिसके बाद मौसम सुहावना हो गया. रात में ठंड का एहसास हुआ. सोमवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे और हवा चलती रही. दिन में रूक-रूक कर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक बारिश व हवा चलने का संकेत दिया है. इस दौरान कुछेक जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के असार है.

आंधी से आम व लीची को नुकसान

आंधी से खेती व किसानी को भी बड़ा नुकसान हुआ है. बारिश से गेहूं की कटनी प्रभावित हुई है. वहीं खेतों में कटायी कर थ्रेसिंग के लिए रखे, गेहूं के पौधों को तेज हवा ने तितर-बितर कर दिया. आंधी से आम व लीची के फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. इससे बागवानी किसानों को भारी क्षति हुई है. अनुमान के मुताबिक 20 से 30 फीसदी आम व लीची के टिकोला के गिरने का अनुमान है.

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By SATENDRA PRASAD SAT

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