मोतिहारी. रघुनाथपुर के रहने वाले रिटायर्ड फौजी प्रभु सिंह ने मरने से पहले अपने पुत्र आनंद को फोन किया था. उनकी आवाज भारी थी, जुबान भी लड़खड़ा रहा था. लड़खड़ाते जुबान से उन्होंने अपने पुत्र को बताया था कि मुखिया असरफ आलम ने खाना में जहर मिला कर खिला दिया है. हमकों बचा लो. प्रभु सिंह की बात सुन परिजन मुखिया असरफ आलम के घर तुरकौलिया के शंकर सरैया शेख शरण टोला पहुंचे, जहां प्रभु सिंह असरफ के दरवाजे पर बेहोश पड़े थे. परिजन उन्हें शहर लेकर आये, जहां, एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. उपरोक्त बातों का जिक्र मृतक के पुत्र आनंद द्वारा तुरकौलिया थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में है.
आनंद ने आरोप लगाया है कि असरफ ने पैसा हड़पने के लिए उनके पिता को खाना में जहर मिला कर खिला दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी. उसने पुलिस को बताया है कि 25 मार्च को असरफ ने पैसा देने के लिए उसके पिता के पास फोन कर अपने घर शंकर सरैया बुलाया. उसके पिता शंकर सरैया पहुंचे तो असरफ घर पर नहीं था. रात काे घर आया तो पिता को अपने घर पर रोक लिया. 26 मार्च सुबह में पैसा वापस करने का आश्वासन दिया. 26 मार्च की शाम करीब चार बजे प्रभु सिंह ने अपने पुत्र आनंद के पास फोन कर असरफ पर खाना में जहर मिल खिलाने की बात कही. आनंद उस समय अपने पैतृक घर संग्रामपुर मठिया में था. उसने चाचा राजेश कुमार सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी्. राजेश शंकर सरैया पहुंचा तो प्रभु सिंह असरफ के दरवाजे पर बेहोश पड़े थे. उन्हें गाड़ी पर लाद कर शहर के एक निजी अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि हत्यारोपी असरफ पुलिस की पकड़ से बाहर है. उसपर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. उसकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है. फरारी की स्थिति में कुर्की की कार्रवाई की जायेगी. बता दें कि असरफ शंकर सरैया उत्तरी का वर्तमान मुखिया है.प्रभु ने जमीन खरीदने के लिए मुखिया को दिया था नौ लाख
प्रभु सिंह व असरफ के बीच गहरी दोस्ती थी. प्रभु सिंह को जमीन खरीदना था, इसके लिए उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले असरफ को नौ लाख रुपये दिया था. किसी कारण ने उन्होंने जमीन नहीं खरीदा. असरफ से पैसा वापस करने के लिए कहा तो वह टाल मटोल करने लगा. वहीं नौ लाख रुपये वापस करने के लिए असरफ ने प्रभु सिंह को साजिश के तहत अपने घर पर बुलाया था.आरोपित मुखिया पर 10 हजार का इनाम घोषित
तुरकौलिया. रिटायर्ड सैनिक के हत्या मामले में फरार आरोपी मुखिया पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने 10 हजार की इनाम की घोषणा की है. आरोपी शंकर सरैया उतरी पंचायत का मुखिया अशरफ आलम है. मृतक सैनिक संग्रामपुर मठिया निवासी प्रभु सिंह थे. उनके पुत्र आनंद कुमार ने एफआईआर दर्ज कराया था. पुलिस को बताया था कि मुखिया ने जमीन हेतु नौ लाख रुपया दिया गया था. पैसा को वापस करने के लिए मुखिया ने बुलाया था. पिता को 25 मार्च को पैसा वापस करने के लिए मुखिया ने बुलाया था. वहां पहुंचने पर मुखिया नही थे. आने पर मुखिया के आश्वासन पर वही रात में रुक गए. पैसा 26 मार्च को देने की बात कहा था. उस दिन करीब चार बजे पिता ने फोन कर कहा कि मुखिया ने खाने में जहर खिला दिया है. उसके चाचा पहूंचे तो पिता बेहोशी की हालत में थे. इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. जहां देर शाम चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि आरोपी मुखिया को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
