Madhubani News: मधुबनी के मुख्य डाकघर में आरडी (रेकरिंग डिपॉजिट) खाते से लाखों रुपये के गबन मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश जारी होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. विभागीय जांच रिपोर्ट मिलने और गिरफ्तारी का आदेश होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं. पुलिस द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि केस के जांच अधिकारी (IO) का स्थानांतरण हो गया है, जिस कारण गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है. इस ढुलमुल रवैये के कारण अब पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
कचहरी परिसर में घूम रहे आरोपी, पुलिस की जांच बेनतीजा
सूत्रों के अनुसार, केस का आईओ बदलने के बावजूद अन्य पुलिस पदाधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न किया जाना समझ से परे है. वहीं, मुख्य आरोपी अपने केस के सिलसिले में न्यायालय परिसर में बेखौफ घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हो रही है. घटना के सभी मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पीड़ितों में भारी नाराजगी है.
फर्जी बचत खाता खोलकर 8.11 लाख रुपये ट्रांसफर करने का है मामला
उल्लेखनीय है कि पिछले फरवरी माह में मुख्य डाकघर मधुबनी में खाताधारी मो तस्लीम का फर्जी बचत खाता खोलकर उनके एफडी व आरडी खाते में रखे 8 लाख 11 हजार 400 रुपये को फर्जी तरीके से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर गबन कर लिया गया था. डाक विभाग द्वारा की गई जांच में भारी अनियमितताओं की पुष्टि हुई है और रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है. इस मामले में साहिल सुमन, आरती देवी, पोस्ट ऑफिस कर्मी सीएन झा और रजनीकांत झा आरोपी बनाए गए हैं. (पूर्व में आरोपित अशोक झा को जांच के बाद नामजद सूची से हटा दिया गया है.)
पाई-पाई को मोहताज हुए पीड़ित खाताधारक
अपनी जमा-पूंजी गंवा चुके पीड़ित खाताधारक अपने पैसे की वापसी के लिए डाक विभाग और पुलिस कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं. पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने यह राशि बेटी की शादी, बच्चों की पढ़ाई और बीमारी के इलाज के लिए बचाकर रखी थी. गबन होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और अब अपना ही पैसा वापस पाने के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है.
आईओ ट्रांसफर के कारण हुई देरी, जल्द होगी गिरफ्तारी: एसडीपीओ सदर
मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ सदर अमित कुमार ने बताया कि इस गबन कांड की जांच का सत्यापन पूरा हो चुका है और चार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है. केस के आईओ का स्थानांतरण हो जाने की वजह से गिरफ्तारी में विलंब हुआ है. उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
