लखनौर. पीएमश्री विद्यालय चयन में अनियमितता का आरोप लगा बुधवार को ग्रामीणों ने मध्य विद्यालय परमेसरा में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. शकील अख्तर को कुछ समय तक बंधक बनाकर विरोध जताया. जिससे स्कूल में अफरातफरी का माहौल बन गया. सूचना पर बीईओ महेश प्रसाद विद्यालय पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था. ग्रामीणों का आरोप है पीएमश्री विद्यालय के लिए ऐसे विद्यालयों का चयन होना था, जो उच्च विद्यालयों के समीप हों. ताकि मध्य विद्यालयों को उनसे जोड़ा जा सके. लेकिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने मानक की अनदेखी कर धरावती प्लस टू उच्च विद्यालय को पीएमश्री विद्यालय बनाने की अनुशंसा कर दी. जबकि केएस उच्च विद्यालय रमौली, परियोजना बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय लखनौर और एमपीटी उच्च विद्यालय झंझारपुर के समीप मध्य विद्यालय मौजूद हैं. पीएमश्री विद्यालय से टैग होने के बाद मध्य विद्यालय परमेसरा के बच्चों को कक्षा छठी से आठवीं तक के लिए धरावती उच्च विद्यालय जाना होगा. जिसकी दूरी दो से तीन किलोमीटर है. ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. कारण स्कूल तक पहुंचने के लिए भारतमाला सड़क सहित दो मुख्य सड़कों को पार करना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी पूर्व में बीईओ, डीईओ, क्षेत्रीय विधायक और अन्य वरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मजबूर होकर ग्रामीणों को प्रदर्शन करना पड़ा. बीईओ ने प्रधानाध्यापक मो. शकील अख्तर और शारीरिक शिक्षा शिक्षक रीता कुमारी को पीएमश्री विद्यालय में योगदान करने का आदेश दिया है. प्रधानाध्यापक ने बताया कि वे योगदान के लिए निकल ही रहे थे. तभी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया. पंचायत की मुखिया ज्योति देवी ने भी वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर विद्यालय की वर्तमान स्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया है. बीईओ महेश प्रसाद ने कहा कि वे ग्रामीणों से मिलकर समस्या को समझने का प्रयास कर रहे हैं और इसकी पूरी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जाएगी.
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