अंधराठाढ़ी. कमला नदी किनारे गांव के किसान धान की फसल को लेकर चिंतित व मायूस है. हर साल किसान धान की फसल उपजाते थे. लेकिन इस बार मानसून की बेरुखी ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया. बारिश के बाद कमला नदी में बाढ़ से पूरे जल ग्रहण क्षेत्र में पानी फैल जाता था. किसान आसानी से खेतों में धान की रोपनी करते थे. लेकिन इसबार अगस्त का पूरा महिना बीत गया. सितंबर का पहला सप्ताह चल रहा है. लेकिन कमला नदी एक बार भी बहाव क्षेत्र से ऊपर उछल नहीं पाया है. पिछले पांच दशक में पहली बार धान की फसल पूरी तरह प्रभावित होता दिखाई पड़ रहा है. यह समस्या तारापट्टी, रखबाड़ी, मारन, गंगद्वार, भदुआर आदि आधा दर्जन से अधिक गांव के किसान है. किसान कृषि विभाग से जांच की मांग की है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि जांच करवायी जाएगी.
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