Pandaul News: पंडौल प्रखंड की कई पंचायतों में भूजल स्तर 24 फीट से नीचे चले जाने के कारण पानी की समस्या बढ़ गयी है. जल संकट से लोगों को राहत दिलाने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने नलजल योजना के कार्यों में तेजी लाने की कवायद शुरू की है. विभाग के सहायक अभियंता बदि उज्जमा ने दहिवत माधोपुर, बोटरी, पंडौल पश्चिमी पंचायत समेत कई पंचायतों में नलजल योजना के कार्यों का स्थल निरीक्षण किया.
59 वार्डों में चल रहा नलजल योजना का काम
निरीक्षण के दौरान प्रखंड की 26 पंचायतों में पीआरडी के माध्यम से 59 वार्डों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गयी. कनीय अभियंता राहुल कुमार ने बताया कि कार्य में तेजी लाने के लिए संवेदकों को मिस्त्रियों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने बताया कि अब तक 48 वार्डों में बोरिंग लगाने का काम पूरा हो चुका है. जिन वार्डों में बोरिंग का काम पूरा हो गया है, वहां पाइप वायरिंग का काम तेज करने का निर्देश दिया गया है.
18 वार्डों में घरों तक पहुंच रहा पानी
सहायक अभियंता ने बताया कि वर्तमान में 18 वार्डों में हाउस कनेक्शन कर लोगों को नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. जिन वार्डों में पाइप वायरिंग का काम पूरा हो चुका है, वहां इसी महीने हाउस कनेक्शन देने की तैयारी है.
वहीं 11 वार्डों में बोरिंग का काम पूरा हो गया है, लेकिन पाइप वायरिंग का काम अभी बाकी है. इन वार्डों में फिलहाल सीधे पाइप के माध्यम से लोगों को दिन में तीन समय पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.
इस महीने बोरिंग पूरा करने का निर्देश
जिन वार्डों में अभी बोरिंग का काम शुरू नहीं हुआ है, वहां संबंधित संवेदकों को इसी महीने हर हाल में बोरिंग का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है. विभाग का लक्ष्य नलजल योजना के कार्यों को जल्द पूरा कर जल संकट से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना है.
चापाकलों की मरम्मत के लिए भी लगाये गये मिस्त्री
सहायक अभियंता ने बताया कि आईएम-2 और आईएम-3 चापाकलों को दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से मिस्त्रियों को लगाया गया है. जिन वार्डों में अभी पाइपलाइन नहीं बिछायी गयी है, वहां चापाकलों की मरम्मत कर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भूजल स्तर में गिरावट के कारण उत्पन्न समस्या को देखते हुए नलजल योजना और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था दोनों पर काम किया जा रहा है.
