मधुबनी.
न्यायालय परिसर में अपर लोक अभियोजक व विशेष लोक अभियोजक के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण गवाही देने आए गवाहों और पुलिस कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से उत्पाद विभाग से जुड़े पुलिसकर्मियों को स्पेशल पीपी को खोजने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हो रहा है. अपर लोक अभियोजक के लिए कोई स्थायी या निर्धारित कार्यालय नहीं रहने के कारण गवाह और पुलिसकर्मी इधर-उधर भटकते रहते हैं. कई बार उन्हें कोर्ट रूम के बाहर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. जिससे उनके कार्य में भी बाधा उत्पन्न होती है. उत्पाद विभाग से जुड़े मामलों में तो स्थिति और भी गंभीर है. कारण इनके केस विशेष लोक अभियोजक देखते हैं. कभी-कभी कोर्ट में नही रहने के बाद उन्हें खोजने में अतिरिक्त समय बर्बाद होता है, हालांकि लोक अभियोजक के लिए कार्यालय है, लेकिन कार्यालय छोटा रहने के कारण न तो वहां अपर लोक अभियोजक व न ही विशेष लोक अभियोजक बैठ नही पा रहे हैं.कागजात रखने में होती है परेशानी
कार्यालय नही रहने के कारण सबसे बड़ी परेशानी विशेष लोक अभियोजक उत्पाद को हो रही है. आलम यह है कि थाना से आये केस डायरी हो या रिसिंविंग किये आवेदनों को रखने के लिए जगह नहीं रहने के कारण कोर्ट से आवास ले जाने में परेशानी होती है. इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक उत्पाद पूनम देवी ने कहा कि कार्यालय नहीं रहने के कारण आरोप पत्र व डायरी अग्रसारित करने के लिए आये कागजात को देखने में परेशानी होती है. वहीं थाने से आयी केस डायरी, आवेदन सहित अन्य रिपोर्ट बनाने, गवाही को तैयारी कराने में कठिनाई होती है. बैठने की व्यवस्था हो तो समस्या का समाधान हो सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
