मधवापुर. साहरघाट स्थित लालू नगर में आयोजित महावीरी झंडोत्सव के दौरान हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका में फलों के बगीचे उजाड़ने व सोना की लंका जलाने का जीवंत नजारा दर्शकों को देखने को मिला. इस दृश्य को देखने के लिए झंडोत्सव स्थल पर हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे थे. कलाकारों ने इस प्रसंग से जुड़े कहानी का जीवंत मंचन किया. माता सीता की खोज में निकले हनुमान जी ने जब मां सीता के पास पहुंचे तो उसने प्रभु श्रीराम का दूत बताते हुए उन्हें सभी बातों से अवगत कराया. अपनी भूख मिटाने के लिए हनुमानजी द्वारा अशोक वाटिका से फलों को तोड़ते हुए वाटिका को तहस नहस कर दिया. यह दृश्य दर्शकों के लिए काफी रोमांच भरा था. समिति ने बड़े ही आकर्षक ढंग से अशोक वाटिका का निर्माण कराया गया. जिसमे फलदार पौधे लगाये गये. लोगों ने जमकर इसका लुत्फ उठाया. फिर रावण की सेना द्वारा हनुमानजी के पुंछ में आग लगा इी गयी. जिससे उसने सोना की लंका को जला दिया. दर्शकों के लिए जिज्ञासभरा यह दृश्य काफी रोमांचकारी था. हनुमान जी द्वारा सोना की लंका में आग लगाते ही दर्शक हनुमान जी की जयजयकार लगाने लगे. लंका धु-धु कर जलने लगी. मौके पर समिति के अध्यक्ष अजय भगत, पुजारी किशन सहनी, मेला प्रभारी बेचन सहनी, कोषाध्यक्ष सुरेश सहनी, उपकोषाध्यक्ष अमरजीत सहनी, सचिव शिवजी सहनी, उपसचिव मुकेश कुमार सहित मेला समिति के सभी सदस्य मौजूद थे.
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