मधुबनी: सदर अस्पताल से मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने पर रोक लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर इलाज और सर्जिकल सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. इसी क्रम में सड़क दुर्घटना में अग्रबाहु की दोनों हड्डियां टूटने के बाद 50 वर्षीय मो. मारूफ की सदर अस्पताल में सफल प्लेटिंग सर्जरी की गयी. ऑपरेशन डॉ रणधीर कुमार और उनकी टीम ने किया. मरीज को इसके लिए अपनी जेब से एक भी रुपये का भुगतान नहीं करना पड़ा.
स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने के कारण मो. मारूफ को सर्जरी के लिए बाहर रेफर करने की आवश्यकता नहीं हुई. अस्पताल में उपलब्ध इस सुविधा से मरीज और उनके परिवार को बाहर इलाज कराने में होने वाले अतिरिक्त खर्च और परेशानी से भी राहत मिली.
सड़क हादसे में टूटी थीं अग्रबाहु की दोनों हड्डियां
करीब 15 दिन पहले मो. मारूफ सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे. हादसे में उनके अग्रबाहु की दोनों हड्डियां टूट गयी थीं. जांच के बाद चिकित्सकों ने फ्रैक्चर की स्थिति को देखते हुए प्लेटिंग सर्जरी का निर्णय लिया.
सदर अस्पताल में आवश्यक जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों टूटी हड्डियों की प्लेटिंग की गयी. चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की.
तीन माह में 869 सर्जरी, अगस्त में 324 ऑपरेशन
सदर अस्पताल की मासिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जून, जुलाई और अगस्त 2026 में कुल 869 सर्जरी की गयीं. जून में 225, जुलाई में 320 और अगस्त में 324 सर्जरी हुईं.
जून की तुलना में अगस्त में मासिक सर्जरी की संख्या में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. वर्तमान में सदर अस्पताल में 36 प्रकार की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है.
| महीना | सर्जरी |
| जून 2026 | 225 |
| जुलाई 2026 | 320 |
| अगस्त 2026 | 324 |
| कुल | 869 |
चार सर्जन पदस्थापित, कई तरह के ऑपरेशन की सुविधा
सदर अस्पताल में वर्तमान में चार सर्जन पदस्थापित हैं. सामान्य सर्जरी के साथ स्त्री रोग, प्रसूति, आर्थोपेडिक और नेत्र संबंधी सर्जरी भी की जा रही है.
एलएससीएस (सिजेरियन) की संख्या जून में 98, जुलाई में 171 और अगस्त में 159 रही. पीपीएस के तहत क्रमशः 32, 45 और 51 तथा बीएलटीएल के तहत 18, 18 और 15 सर्जरी की गयीं.
इसके अलावा एमटीपी, हर्निया, हाइड्रोसील, गैंग्लियन एक्सीजन, बर्सल सिस्ट, मोतियाबिंद सहित कई अन्य सर्जिकल प्रक्रियाएं भी सदर अस्पताल में की जा रही हैं.
रेफरल कम करना प्राथमिकता : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने कहा कि सदर अस्पताल में मरीजों को आवश्यक चिकित्सा और सर्जिकल इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि रेफरल को नियंत्रित किया जा सके. इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के साथ विभिन्न प्रकार की सर्जिकल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर गंभीर और जटिल मरीजों के इलाज की क्षमता मजबूत होने से रेफरल की आवश्यकता को कम करने में मदद मिल रही है.
यह भी पढ़ें
बेनीपट्टी में 6 साल के मासूम का बोरे में बंधा शव मिला, मामी पर हत्या का आरोप
