Madhubani News:मधुबनी जिले में हाई रिस्क ग्रुप और संवेदनशील आबादी के बीच एचआईवी और सिफलिस जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है. 20 मई से 25 जुलाई तक जिले के अलग-अलग हॉटस्पॉट और चिन्हित इलाकों में स्वास्थ्य मेला लगाया जाएगा. इस अभियान के तहत मोबाइल वैन के जरिए उन क्षेत्रों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी, जहां अब तक जांच और इलाज की सुविधा सीमित रही है. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कर उन्हें समय पर इलाज से जोड़नाहै.
20 मई से शुरू होगा विशेष स्वास्थ्य अभियान
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जिले में एचआईवी और सिफलिस जांच अभियान को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है. कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय ने डीएम आनंद शर्मा को अभियान सफल बनाने के निर्देश दिए हैं. इस दौरान फिक्स्ड कैंप और मोबाइल वैन दोनों माध्यमों से लोगों की जांच की जाएगी.
मोबाइल वैन पहुंचेगी हार्ड टू रीच इलाकों में
विभाग की ओर से ऐसे इलाकों को भी चिन्हित किया गया है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच कम है. वहां मोबाइल वैन के जरिए मेडिकल टीम पहुंचकर एचआईवी टेस्ट, सिफलिस स्क्रीनिंग, काउंसलिंग और जरूरी जांच करेगी. स्वास्थ्य कर्मियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को जांच से जोड़ने का निर्देश दिया गया है.
संक्रमित मरीजों को तुरंत मिलेगा इलाज
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को तुरंत एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेवा से जोड़ा जाएगा, ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके. मरीजों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर मानसिक व चिकित्सकीय सहयोग भी दिया जाएगा.
5723 मरीजों का चल रहा इलाज
एचआईवी के नोडल पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर से हर महीने 5723 मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है. इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. इनमें से करीब 90 प्रतिशत मरीजों को शताब्दी योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये की सहायता भी दी जा रही है.
