Madhubani News: केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में 20 मई को जिले की सभी दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है. ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर यह बंदी 19 मई की मध्य रात्रि 12 बजे से 20 मई की रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगी.
ऑनलाइन दवा बिक्री से बढ़ रहा है नकली दवाओं का खतरा
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीत कुमार और सचिव जगजीवन यादव ने बताया कि ई-फार्मेसी कंपनियां नियमों में ढील का फायदा उठा रही हैं. इससे नकली दवाओं, फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ रहा है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फार्मासिस्ट और मरीज के बीच संवाद की कमी होती है, जिससे एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ रहा है.
छोटे दुकानदारों के अस्तित्व और रोजगार पर संकट
संगठन ने बड़ी कंपनियों पर प्रिडेटरी प्राइसिंग (भारी डिस्काउंट) का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इस अनुचित प्रतिस्पर्धा से छोटे व ग्रामीण दवा दुकानदारों का अस्तित्व खतरे में आ गया है. संघ ने सरकार से नोटिफिकेशन वापस लेने, कोविड काल की जीएसआर व्यवस्था समाप्त करने और अवैध ई-फार्मेसी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन सरकार से संवाद चाहता है, टकराव नहीं.
मधुबनी से नागेंद्रनाथ झा की रिपोर्ट
