Madhubani News: जिले में बिजली चोरी पर लगाम लगाने और राजस्व घाटे को कम करने के लिए बिजली विभाग ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है. अब शहरी क्षेत्रों में लगे सभी घरेलू ट्रांसफार्मर में मीटर लगाए जा रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली की आपूर्ति हो रही है और उसके मुकाबले कितना राजस्व प्राप्त हो रहा है. सोमवार को कोशी फीडर से इस अभियान की शुरुआत की गई.
राजस्व घाटे को पाटने की तैयारी
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मो. अरमान ने बताया कि जितनी बिजली की खपत हो रही है, उसके अनुपात में विभाग को राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है. उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका पूरा बिलिंग रिकॉर्ड और भुगतान विभाग को नहीं मिल पा रहा है. इसका सीधा मतलब है कि बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है. अब ट्रांसफार्मर पर मीटर लगने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस क्षेत्र में कितनी बिजली चोरी हो रही है और दोषी उपभोक्ताओं को पकड़ना आसान होगा.
चार एजेंसियां मिलकर लगाएंगी मीटर
पहले चरण के तहत मधुबनी शहरी क्षेत्र के करीब 400 ट्रांसफार्मर में मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए विभाग ने चार प्रमुख एजेंसियों—हाई प्रिंट, ईडीएफ, जीनस और सेक्योर के साथ अनुबंध किया है. सोमवार को कोशी फीडर में काम चलने के कारण करीब सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. आने वाले दिनों में अन्य फीडरों में भी इसी तरह चरणबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाएगा.
उड़न दस्ता टीम रखेगी नजर
कार्यपालक अभियंता ने चेतावनी दी है कि मीटरिंग के साथ-साथ अब विशेष ‘उड़न दस्ता टीम’ भी बनाई जा रही है. यह टीम संदिग्ध इलाकों में औचक छापेमारी करेगी. विभाग का दावा है कि अगले कुछ महीनों में तकनीक और सख्त निगरानी के जरिए बिजली चोरी पर पूरी तरह नकेल कस दी जाएगी. इससे ईमानदार उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा मिलेगी और राजस्व में भी सुधार होगा.
मधुबनी से के के पुट्टी की रिपोर्ट
