Madhubani News: मधुबनी जिले के झंझारपुर में एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान दो वर्षीय बच्ची की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ. परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम के बाहर प्रदर्शन किया. घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी बच्ची की हालत
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद वार्ड-19 डुबरबोना निवासी प्रमोद मुखिया की दो वर्षीय पुत्री राधिका कुमारी को उल्टी की शिकायत के बाद रविवार सुबह करीब 6 बजे झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल के डीएस डॉ. रमन पासवान के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था.
परिजनों का आरोप है कि भर्ती होने के कुछ देर बाद कंपाउंडर ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगी. परिजनों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में बच्ची की मौत हो गई.
मौत के बाद परिजनों का हंगामा
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. मां मुनचुन देवी और पिता प्रमोद मुखिया का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने नर्सिंग होम के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया.
पुलिस ने संभाला मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही झंझारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया. सहायक थानाध्यक्ष बिहारी आलम ने बताया कि पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया.
इसके बाद पुलिस ने परिजनों से लिखित आवेदन लेकर मामले को शांत कराया.
डॉक्टर ने दी सफाई
मामले पर नर्सिंग होम संचालक डॉ. रमन पासवान ने कहा कि बच्ची को एंटीबायोटिक “मीकासिन” दिया गया था. उन्होंने बताया कि हालत बिगड़ने पर बच्ची को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के लिए पुलिस को सूचना दी गई थी और पुलिस की मौजूदगी में परिजनों को समझाकर घर भेजा गया.
मधुबनी के झंझारपुर से संजय कर्ण की रिपोर्ट
