Madhubani News: मधुबनी जिले में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है. सहकारिता विभाग ने पहले निर्धारित 15 जून की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 30 जून 2026 कर दिया है. विभाग का कहना है कि राज्य खाद्य निगम के गोदामों में भंडारण क्षमता पूरी होने के कारण चावल की प्राप्ति की प्रक्रिया प्रभावित हुई है.
धान खरीद के बाद चावल जमा करने की प्रक्रिया में देरी
जिला सहकारिता पदाधिकारी सुदर्शन कुमार ने बताया कि चालू खरीद सत्र में जिले में एक लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई है. जिले के 200 से अधिक पैक्सों ने किसानों से धान खरीदा है.
धान खरीद के एवज में मिलरों को कुल 68,730 मीट्रिक टन चावल राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराना था. 11 जून तक 49,344 मीट्रिक टन चावल जमा कराया जा चुका है, जबकि 19,435 मीट्रिक टन चावल अभी भी बकाया है.
भंडारण क्षमता बनी सबसे बड़ी चुनौती
अधिकारियों के अनुसार मिलरों के पास आवश्यक मात्रा में चावल तैयार है, लेकिन राज्य खाद्य निगम के गोदाम लगभग पूरी तरह भर चुके हैं. इसी कारण वर्तमान में चावल की उठाव और जमा प्रक्रिया धीमी कर दी गई है.
राज्य खाद्य निगम के प्रबंधक जितेंद्र किशोर ने बताया कि गोदामों में उपलब्ध स्थान सीमित होने के कारण फिलहाल सभी मिलरों से चावल प्राप्त नहीं किया जा रहा है. हालांकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जारी वितरण के बाद गोदामों में जगह खाली होगी, जिससे बकाया चावल लेने की प्रक्रिया तेज की जाएगी.
एक नजर में सीएमआर की वर्तमान स्थिति
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जिला | मधुबनी |
| कुल धान खरीद | 1 लाख एमटी से अधिक |
| कुल देय सीएमआर | 68,730 एमटी |
| 11 जून तक जमा | 49,344 एमटी |
| बकाया सीएमआर | 19,435 एमटी |
| नई अंतिम तिथि | 30 जून 2026 |
पैक्स और मिलरों को मिली अतिरिक्त राहत
समय सीमा बढ़ने से पैक्स अध्यक्षों और मिलरों को राहत मिलने की उम्मीद है. विभाग लगातार मिलरों और पैक्स प्रतिनिधियों के संपर्क में है ताकि बकाया चावल निर्धारित समय के भीतर राज्य खाद्य निगम तक पहुंचाया जा सके.
अधिकारियों को उम्मीद है कि गोदामों में जगह उपलब्ध होते ही लंबित सीएमआर की प्राप्ति प्रक्रिया तेज होगी और निर्धारित समय के भीतर लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा.
सीएमआर अभियान से जुड़ी प्रमुख बातें
- सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून से बढ़ाकर 30 जून की गई.
- जिले में 19,435 एमटी चावल अब भी बकाया है.
- 200 से अधिक पैक्सों ने धान खरीद की थी.
- राज्य खाद्य निगम के गोदाम क्षमता से अधिक भरे हुए हैं.
- गोदाम खाली होने के बाद बकाया चावल लेने की प्रक्रिया तेज होगी.
जिला सहकारिता पदाधिकारी सुदर्शन कुमार ने कहा: “पहले 15 जून तक सीएमआर जमा करने की समय सीमा निर्धारित थी, लेकिन विभाग ने इसे बढ़ाकर 30 जून कर दिया है. सभी पैक्स और मिलरों से समय पर बकाया चावल जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है.”
मधुबनी से केके पुट्टी की रिपोर्ट
