मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट
Madhubani News: जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को स्वर मुखर किया. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में जुटी आशा कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन (CS) कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की.
23 सूत्री मांग पत्र सौंपा
प्रदर्शन के दौरान बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ और आशा जिला संघ की जिला अध्यक्षा के नेतृत्व में सिविल सर्जन को 23 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन विभाग द्वारा केवल आश्वासन ही मिल रहा है. सौंपे गए ज्ञापन में मानदेय वृद्धि, बकाया भुगतान और कार्यस्थल पर सुविधाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं.
स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी
सोमवार सुबह से ही आशा कार्यकर्ता सीएस कार्यालय के बाहर जुटने लगी थीं. देखते ही देखते पूरा परिसर ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘स्वास्थ्य विभाग होश में आओ’ जैसे नारों से गूंज उठा. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कोरोना काल से लेकर नियमित टीकाकरण तक वे अपनी जान जोखिम में डालकर काम करती हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघ की जिला अध्यक्षा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उनकी 23 सूत्री मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी जाएंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक चेतावनी है, और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है. फिलहाल, सीएस कार्यालय के घेराव से विभागीय कामकाज पर भी असर देखा गया.
