Madhubani News: प्रखंड के बनही टोल रखबाड़ी स्थित बजरंग बली मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रुद्रचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद देवीभागवत कथा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है. महायज्ञ के माध्यम से न केवल आध्यात्मिक शांति, बल्कि पर्यावरण शुद्धि का संदेश भी दिया जा रहा है. शाम होते ही कथा सुनने और मेला घूमने के लिए आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है.
असुरों के विनाश के लिए होता है मां का अवतार
यज्ञ में वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक व्यास भास्कर जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म का मुख्य उद्देश्य आदि शक्ति मां जगदंबा की आराधना है. उन्होंने बताया कि जब-जब प्रकृति में आसुरी शक्तियों का उत्पाद बढ़ जाता है और देवता भी असहाय महसूस करने लगते हैं, तब असुरों का नाश करने के लिए मां भगवती अवतरित होती हैं. वहीं, पंडित अंबिका चरण ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति के संतुलन और पर्यावरण की रक्षा के लिए यज्ञ ही एकमात्र विकल्प है.
मेले में मनोरंजन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महायज्ञ स्थल पर मां दुर्गा, महादेव-पार्वती और भगवान गणेश की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं. यज्ञ समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार झा और कोषाध्यक्ष निखिल कुमार झा ने बताया कि श्रद्धालुओं और बच्चों के मनोरंजन के लिए मेले में ब्रेक डांस, ट्रेन और नाव वाले झूले लगाए गए हैं. रात में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरण के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो.
मधुबनी के अंधराठाढ़ी से शिव कुमार की रिपोर्ट
