1.61 लाख हेक्टेयर में होगी खरीफ की खेती

जिला में खरीफ फसल की जोर शोर से तैयारी में किसान जुट गये हैं. बाजार से लेकर प्रखंड स्तर तक बीजों की खरीदारी कर बिचड़ा गिराने का काम चल रहा है.

मधुबनी. जिला में खरीफ फसल की जोर शोर से तैयारी में किसान जुट गये हैं. बाजार से लेकर प्रखंड स्तर तक बीजों की खरीदारी कर बिचड़ा गिराने का काम चल रहा है. वहीं कृषि विभाग द्वारा अनुदानित दर पर प्रमाणित बीज भी किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है. इस साल किसानों की सहूलियत के लिये विभाग ने कुछ राहत दी है. किसान अब चिन्हित विक्रेता के दुकान से भी बीज खरीदारी कर अनुदान का लाभ उठा सकते हैं. इससे किसान के साथ साथ दुकानदारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल 1 लाख 61 हजार हेक्टेयर में खरीफ की खेती होगी.

3207 क्विंटल धान बीज की आवश्यकता

जिला कृषि पदाधिकारी ललन चौधरी बताते हैं कि इस साल 3207 क्विंटल धान बीज की आवश्यकता है. इसके विरुद्ध करीब 3000 क्विंटल बीज बीआरबीएन द्वारा जिला को उपलब्ध करा दिया गया है. जिसका वितरण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. सभी प्रखंडों को लक्ष्य के अनुसार बीज उपलब्ध कराया जा रहा है. जिसे किसान अनुदानित दर पर खरीद कर सकते हैं.

उन्नत प्रभेद का बीज उपलब्ध

बीआरबीएन ने इस साल कई प्रकार के उन्नत प्रभेद के बीज किसानों को उपलब्ध कराया है. इसमें सबौर संपन्ना, राजेंद्र मंसूरी, सबौर श्री, स्वर्णा सब -1 प्रमुख हैं. इन बीजों से खेती करने से किसानों को अधिक मुनाफा हो सकता है. बीआरबीएन के डिस्ट्रीब्यूटर विजय कुमार बताते हैं कि किसानों को समय से प्रखंड के चिन्हित विक्रेता से बीज ले लेना चाहिये. ताकि समय से खेती कर सकें.

उपयुक्त है बिचड़ा गिराने का समय

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया है कि यह समय बिचड़ा गिराने का सबसे उपयुक्त समय है. खेतों में नमी की कमी नहीं है. बारिश होने के बाद लगातार समय अनुकूल हो रहा है. जिससे किसान बिचड़ा गिरा कर उसकी खेती समय से कर सकते हैं. बिचड़ा गिराने का उपयुक्त समय जून के अंतिम सप्ताह तक है.

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