Bisfi Kasturba Hostel: बिस्फी प्रखंड स्थित उच्च विद्यालय परसौनी मुरलियाचक परिसर में चाहरदीवारी (बाउंड्री वॉल) न होने के कारण निर्मित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास पिछले पांच वर्षों से शुरू नहीं हो सका है. सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में छात्रावास बंद पड़ा है और सरकारी धन से बना यह विशाल भवन धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है. अधिकारियों द्वारा कई बार निरीक्षण किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.
2021 में बनी थी 19 कमरों की इमारत
वर्ष 2021 में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से 19 कमरों वाले इस कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निर्माण कराया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा प्रदान करना था ताकि वे निर्बाध पढ़ाई कर सकें. लेकिन बाउंड्री वॉल न होने से यह योजना ठप पड़ी है.
आवारा पशुओं का जमावड़ा और शिक्षा पर असर
- पशुओं का जमावड़ा: चाहरदीवारी के बिना विद्यालय परिसर में गाय, भैंस, सांड, जंगली सूअर, नीलगाय और आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है.
- शैक्षणिक माहौल प्रभावित: आवारा पशुओं की बेरोक-टोक आवाजाही से विद्यालय का पढ़ाई का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
असामाजिक तत्वों का अड्डा बना परिसर
ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि शाम ढलते ही विद्यालय परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है. यहां मनचले खुलेआम शराब, सिगरेट और नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं. महिलाओं और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां की जाती हैं, जिससे अभिभावक अपनी बेटियों को सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और छात्रावास भेजने से हिचकिचा रहे हैं.
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