Jhanjharpur News: नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है. कमला नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर से तेजी से बढ़ना शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक यह खतरे के निशान से महज 26 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया. इसके बाद प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है.
खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंची नदी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार कमला नदी का खतरे का निशान 50.50 मीटर निर्धारित है. सोमवार शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 50.24 मीटर दर्ज किया गया. यानी नदी अब डेंजर लेवल से केवल 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है.
नेपाल में बारिश से और बढ़ सकता है जलस्तर
फ्लड कंट्रोल के एसडीओ उपेंद्र कुमार ने बताया कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है. ऐसे में आने वाले समय में नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है. विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.
तटबंधों पर बढ़ाई गई चौकसी
जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने दोनों तटबंधों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है.
- संवेदनशील स्थानों पर जनरेटर और लाइट की व्यवस्था की गई है.
- आपात स्थिति से निपटने के लिए हजारों कैरी बैग में सफेद बालू भरकर विभिन्न स्थानों पर रखे गए हैं.
- प्रशासनिक अधिकारी और बाढ़ सुरक्षा कर्मी लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं.
- रिसाव या कटाव की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हैं.
पिछले वर्षों की बाढ़ ने बढ़ाई चिंता
कमला नदी की बाढ़ से झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी भारी नुकसान हो चुका है. ऐसे में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. फिलहाल सभी की नजर नेपाल में हो रही बारिश और कमला नदी के अगले जलस्तर पर बनी हुई है.
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