Madhubani News: झंझारपुर प्रखंड में प्रमुख पद के चुनाव पर पटना उच्च न्यायालय ने फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 मई को तय की है और पंचायत समिति सदस्यों को उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है. इस घटनाक्रम के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
15 मई को प्रस्तावित था चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झंझारपुर प्रमुख पद के लिए 15 मई को चुनाव प्रस्तावित था. प्रमुख का पद रिक्त होने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी.
बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार दीक्षित ने बताया कि 18 मार्च को प्रमुख नीतु कुमारी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया गया था, जिसके बाद पद रिक्त माना गया.
त्यागपत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव की बैठक से दो दिन पहले प्रमुख नीतु कुमारी ने एसडीओ के समक्ष अपना इस्तीफा सौंप दिया था.
इसके बावजूद 18 मार्च को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक आयोजित की गई और अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया. बाद में 20 मार्च को नीतु कुमारी ने अपना त्यागपत्र वापस ले लिया और अविश्वास प्रस्ताव की वैधता को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी.
हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने प्रमुख चुनाव पर रोक लगाते हुए झंझारपुर प्रखंड के 23 में से 22 पंचायत समिति सदस्यों को 13 मई को अदालत में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है.
अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जिसे इस पूरे राजनीतिक विवाद में अहम माना जा रहा है.
20 मई को बुलाई गई बैठक
इधर, बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार दीक्षित ने 20 मई को पंचायत समिति की बैठक बुलाए जाने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि उप प्रमुख के आदेश पर यह बैठक आयोजित की जा रही है.
लगातार बदलते घटनाक्रम के कारण झंझारपुर की राजनीति में हलचल बनी हुई है और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है.
मधुबनी के झंझारपुर से संजय कर्ण की रिपोर्ट
