मधुबनी. राष्ट्र जागरण धर्म हमारा ध्येय को समर्पित राष्ट्रीय कवि संगम व हिंदी साहित्य समिति की ओर से प्रोफेसर्स कॉलोनी सुंदर नगर, मधुबनी में दो सत्रों में साहित्यिक गोष्ठी हुई. प्रथम सत्र में देश के गौरव भारतीय सेना विषय पर संगोष्ठी एवं द्वितीय सत्र में आपरेशन सिंदूर को समर्पित एक कवि गोष्ठी प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ कवि उदय जायसवाल के संचालन में आयोजित हुई. संगोष्ठी की शुरुआत में हिन्दी साहित्य समिति के संयोजक कवि पंकज सत्यम ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि भारतीय सेना विजयश्री का वरण करने के लिए लालायित है. मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व सैन्य अधिकारी दयानंद झा ने कहा कि दुनिया में भारतीय सेना सबसे शक्तिशाली है. ज्योति रमण झा ने कहा कि भारतीय सेना के शौर्य को सैल्यूट है. डॉ. विनय विश्वबंधु ने कहा कि देश को अपनी सेना पर नाज है. उन्होंने कविता पाठ कर सभी में जोश भर दिया. द्वितीय सत्र में कवि गोष्ठी की शुरुआत कवि दयानंद झा की रचना आंख खोलकर देखो दुष्टों सेना के आतंकवाद पर प्रहार को चरितार्थ करती कविता सभी में जोश भर दिया. द्वितीय सत्र में उदय जायसवाल सिंदूर का बदला आतंकवाद की सिंदूर मिटाकर, प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल ले लिया है बदला हमने जय-जय हिन्दुस्तान की कविता ने खूब वाहवाही लूटी. देशभक्ति से ओतप्रोत आपरेशन सिंदूर”””” को समर्पित एक से एक रचनायें प्रस्तुत की गई. हमारी सेना ने पहलगाम माताओं एवं बहनों की सिंदूर को मिटाने वालों से बदला ले लिया है. कवियों ने कहा कि आज सेना ने देश का मनोबल बढ़ाया है. गोष्ठी में राज कमल भगत, अजय प्रताप सिंह की भी सहभागिता रही. अंत में प्रसिद्ध साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें नमन किया गया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विनय विश्वबंधु ने की.
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